Monsoon 2026: उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण उड़ानों का मार्ग बदला गया, जलभराव हुआ और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। खासकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्थिति गंभीर रही, जहां सबसे अधिक बारिश हुई। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी दिन के दौरान बारिश हुई। गुरुग्राम में यातायात जाम की स्थिति सबसे खराब रही, जहां बच्चों को कंधे पर उठाए माता-पिता स्कूल बसों और वाहनों तक पहुंचने के लिए जलमग्न सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। वहीं जलभराव वाली सड़कों पर वाहन फंसे रहे।
मूसलाधार बारिश के कारण नरसिंहपुर, हीरो होंडा चौक, राजीव चौक, इफ्को चौक और पुराने गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव हो गया। राजीव चौक के आसपास वाहन पानी में फंसे रहे, जबकि सोहना रोड पर स्कूल बसें और एंबुलेंस भी जलभराव की चपेट में आ गईं। जिला प्रशासन के अनुसार, गुरुग्राम में अपराह्न 1:30 बजे तक 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, ओल्ड दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी जलभराव हो गया। दिल्ली में भी लुटियन दिल्ली के कुछ हिस्सों, मथुरा रोड, कनॉट प्लेस, भैरों मार्ग, आईटीओ और जखीरा अंडरपास समेत कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। तेज हवाओं और बारिश के साथ राष्ट्रीय राजधानी में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया, वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और जनजीवन ठप हो गया। कुछ इलाकों में करीब 67 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बिगड़े हालात
15 फ्लाइटों का मार्ग बदला, गाजियाबाद में पलटा ऑटो-रिक्शा
सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में संगम विहार में कम से कम एक दर्जन छात्रों को कमर तक भरे पानी से गुजरते देखा गया। बारिश का पानी जमा होने के बाद सदर बाजार में कमर तक पानी जमा हो गया। खराब मौसम के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कम से कम 15 उड़ानों का मार्ग बदला गया। राष्ट्रीय राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर खराब मौसम के कारण कई उड़ानें विलंबित हुईं और कुछ रद्द भी की गईं। एक अधिकारी ने बताया कि 12 उड़ानों को जयपुर, दो को चंडीगढ़ और एक को लखनऊ भेजा गया। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई, जिससे शहरी इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। उसने बताया कि पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश में मानसून सामान्य रहा। गाजियाबाद में भारी बारिश के कारण प्रमुख सड़कों और निचले इलाकों में स्थित आवासीय क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। एक घटना में जलभराव वाले मार्ग पर गड्ढे के कारण एक ऑटो-रिक्शा पलट गया। यह घटना कैमरे में रिकार्ड हुई। इस हादसे में यात्रियों को मामूली चोटें आईं। स्थानीय मौसम कार्यालय के अनुसार, सोमवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश हुई।
पूर्वी राजस्थान के जयपुर और अन्य हिस्सों में भारी बारिश
पूर्वी राजस्थान के जयपुर और अन्य हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और कई जगह जलभराव हो गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले अलवर जिले के खैरथल-तिजारा में भारी बारिश हुई और कई इलाके पानी में डूब गए। किशनगढ़बास कस्बे में बाजार, सड़कें, आवासीय कॉलोनियां और निचले इलाके भी बारिश के कारण जलमग्न हो गए। जयपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा और खैरथल-तिजारा जिलों में बारिश हुई। जयपुर में मोती डूंगरी सड़क पानी में डूब गई। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसके कारण सोमवार शाम तक राज्य में 98 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि 98 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं, जबकि 21 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 21 पेयजल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुईं। मंडी में सबसे अधिक 49 सड़कें बंद हुईं, इसके बाद कुल्लू में 28, कांगड़ा में आठ, शिमला, सिरमौर और ऊना में चार-चार तथा लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद हुई। रविवार शाम से पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
उत्तराखंड में जारी हुआ येलो अलर्ट अलर्ट
वहीं उत्तराखंड में अनेक स्थानों पर सोमवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई जबकि मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए देहरादून समेत चार जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का अनुमान व्यक्त करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून मौसम केंद्र के अनुसार, सुबह से अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। केंद्र का कहना है कि यमकेश्वर में 35 मिलीमीटर (मिमी), चोरगलिया में 29मिमी, चलथी में 26 मिमी, पोखरी में 21 मिमी, काशीपुर में 19 मिमी, रिखणीखाल में 19 मिमी, कनालीछीना में 18.5 मिमी, देहरादून में 8.5 मिमी और नैनीताल में आठ मिमी बारिश रिकॉर्ड की गयी। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जतायी है। इसके अलावा, राज्य के पर्वतीय जिलों एवं उधमसिंह नगर जिले में भी कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर का पूर्वानुमान है। साथ ही IMD ने बताया कि कम दबाव के क्षेत्र के कारण ओडिशा के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश हुई और पिछले 24 घंटों के दौरान आठ स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। उसने बताया कि सोमवार सुबह 8:30 बजे तक राज्य में चार स्थानों पर बहुत भारी बारिश हुई, जबकि 47 स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 169.4 मिमी बारिश क्योंझर जिले के जोडा में दर्ज की गई। इसके बाद नवरंगपुर के पापड़ाहांडी में 158.8 मिमी और बरगढ़ के पाइकमाल में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। बुलेटिन में कहा गया है कि सोमवार सुबह कम दबाव का यह क्षेत्र गांगेय पश्चिम बंगाल और उससे सटे झारखंड तथा उत्तरी ओडिशा के ऊपर बना हुआ था।
