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रॉकेट के बजाय चप्पल से खेलने लगा बैडमिंटन, यूजर्स बोले - ये पाकिस्तान वाले कुछ भी कर सकते हैं

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो में दो शख्स बैडमिंटन खेल रहे हैं। इस दौरान एक शख्स के पास बैडमिंटन का रॉकेट न होने के चलते वह अपने चप्पल से ही बैडमिंटन खेलने लगता है।

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रॉकेट के बजाय चप्पल से खेलने लगा बैडमिंटन (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • दो शख्स खेल रहे थे बैडमिंटन
  • चप्पल से खेलने लगा बैडमिंटन
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Playing Badminton With Slippers: हाल ही में एक वीडियो पाकिस्तान के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो व्यक्ति बैडमिंटन खेलते हुए नजर आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब एक खिलाड़ी के पास रॉकेट की कमी होती है, तो वह अपनी चप्पल उतारकर उसे बैडमिंटन रॉकेट के रूप में इस्तेमाल करने लगता है। इस अनोखी स्थिति ने न केवल दर्शकों का ध्यान खींचा है, बल्कि लोगों को हंसी में भी लिपटा दिया है। इस वीडियो को 'ajmalchaudri' नामक अकाउंट से साझा किया गया है, जो अब तक 76 हजार से अधिक लाइक्स प्राप्त कर चुका है।

वीडियो में दिखाया गया अद्भुत क्षण यह दर्शाता है कि कैसे लोग साधारण चीजों का इस्तेमाल करके अपनी रचनात्मकता को उजागर कर सकते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मजेदार दृश्य पर अपनी प्रतिक्रियाएं भी दी हैं। कुछ ने इस पहलू को मजाक में लेते हुए कहा है कि पाकिस्तान के लोग ऐसे अनोखे काम करते रहते हैं, जो दर्शाते हैं कि वे हमेशा किसी न किसी तरीके से हंसने-हंसाने का कोई ना कोई रास्ता खोज लेते हैं।

लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश

हालांकि, कुछ यूजर्स ने इस वीडियो के द्वारा पाकिस्तान में मौजूद गरीबी के संकेतों को भी उजागर किया है। उन्होंने तंज करते हुए कहा है कि यह दृश्य यह दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग साधारण संसाधनों का उपयोग करके अपने मनोरंजन के लिए प्रयत्नशील हैं। इस स्थिति ने दिखाया है कि जीवन में चुनौतियों का सामना कैसे किया जा सकता है, और कैसे मुश्किल वक्त में भी हंसी का पहलू नहीं छूटता। इस प्रकार के वीडियो लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश फैला रहे हैं, जिसमें कठिनाईयों के बावजूद हंसने की प्रेरणा दी जा रही है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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