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हर 5 मिनट में एक भिखारी, भारतीय शख्स ने दिखाया जर्मनी के ट्रेन का हाल, लोग बोले- इससे अच्छा तो हमारा मेट्रो है

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जर्मनी की लोकल ट्रेनों में भिखारियों की लगातार आवाजाही देखी जा सकती है। इस वीडियो को एक भारतीय शख्स ने शेयर किया है, जो यह दावा कर रहा है कि बर्लिन की ट्रेनों में हर 5 मिनट में एक भिखारी आ जाता है।

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जर्मनी के ट्रेन में भीख मांगते भिखारी (Instagram/@rahulmahajan)

'दूर के ढोल सुहावन लागे', यह कहावत तो आपने जरूर सुनी होगी। यही कहावत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भारतीय शख्स के वीडियो पर बिल्कुल फिट बैठती है, जहां कई लोगों को यह लगता है कि पश्चिम के विकसित देशों में कोई गरीबी नहीं है। जो भी गरीबी है, वह भारत में ही है, लेकिन इस शख्स ने अपने वीडियो में यह दावा किया कि जैसा लोग सोचते हैं, वैसा बिल्कुल भी नहीं है बल्कि अमीर और विकसित देशों की छवि लोगों की सोच से बिल्कुल उलट है।

एक के बाद एक आते दिखे भिखारी

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में भारतीय शख्स ने जर्मनी के लोकल ट्रेनों का हाल दिखाया है। जहां एक के बाद एक भिखारियों की आवाजाही लगी हुई है। शख्स अपने वीडियो में दावा करता है कि जर्मनी के बर्लिन की ट्रेनों में हर 5 मिनट में एक भिखारी आ जाता है। शख्स के वीडियो में आप भी देख सकते हैं कि ट्रेन के डिब्बे में एक के बाद एक व्हीलचेयर पर बैठे भिखारी ट्रेन में सवार यात्रियों से भीख मांगते हुए गुजर रहे हैं।

भारतीय शख्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया यह वीडियो

वायरल हो रही इस क्लिप को शख्स ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट @rahulmahajan पर शेयर किया है। जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा और हजारों ने लाइक किया है। वीडियो में आप शख्स को यह कहते हुए सुन सकते हैं कि, "हर पांच मिनट बाद एक भिखारी, हर पांच मिनट बाद एक भिखारी। देख लो भाई, ये है बर्लिन की लोकल ट्रेनों का हाल। हर एक-दो मिनट के बाद आपको कोई ना कोई भिखारी दिख जाएगा।"

वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रिया

शख्स का यह दावा है कि जर्मनी जैसे विकसित देश में इस तरह के नजारे बेहद आम हैं, जो पश्चिमी देशों की 'सुंदर और परफेक्ट' इमेज को नकारता दिख रहा है। वीडियो को देखने के बाद लोग कमेंट के जरिए इस पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। जहां एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, "ये सब भीख मांगने वाले पाकिस्तानी हैं।" दूसरे ने लिखा, "इससे अच्छी तो हमारे देश की मेट्रो है, जहां कम से कम ऐसा नजारा देखने को नहीं मिलता।"

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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