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VIDEO: आपदा को बना दिया अवसर! जब टूटा गांव का पुल तो चचा ने खेत से निकाल दिया शॉर्टकट,हर गाड़ी से ले रहे 30 रुपए का ‘टोल’

Viral Video: मुख्य हाईवे का पुल टूटने से 5 मिनट का सफर 20 किलोमीटर के लंबे चक्कर में बदल गया। इसी बीच पुल के पास स्थित खेत के मालिक बुजुर्ग किसान ने एक अनोखी तरकीब निकाली। उन्होंने अपने खेत में बजरी डालकर उसे समतल रास्ता बनाया और एक देसी 'प्राइवेट टोल बूथ' चालू कर दिया। जिसके लिए वो लोगों से 30 रुपए वसूल रहे हैं।

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चाचा ने लगाया अलग लेवल का दिमाग (तस्वीर साभार- @indiarawnews)

Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया में आए दिन ऐसे वीडियो (Trending Video) सामने आते हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक मजेदार और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग किसान ने सरकारी व्यवस्था की नाकामी को अपने लिए फायदे का जरिया बना लिया। दरअसल, मुख्य हाईवे पर बना एक पुल अचानक टूट गया। इस हादसे के कारण वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों का 5 मिनट का आसान सफर 20 किलोमीटर लंबे और थकाऊ चक्कर में बदल गया। जहां एक तरफ लोग लंबे जाम और घुमावदार रास्ते से परेशान होकर सरकारी प्रशासन को कोस रहे थे, वहीं पास के ही एक बुजुर्ग किसान ने अपना दिमाग दौड़ाया।

    किसान का खेत ठीक उस टूटे हुए पुल के पास स्थित था। उन्होंने बिना वक्त गंवाए अपने खेत की जमीन पर थोड़ी बजरी डाली, उसे बराबर किया और अपने खेत को ही एक शॉर्टकट रास्ते में तब्दील कर दिया। स्मार्ट किसान सिर्फ रास्ता बनाकर ही नहीं रुके। उन्होंने रास्ते के मुहाने पर एक झोपड़ी डाली और रस्सी बांधकर खुद को 'टोल अधिकारी' नियुक्त कर लिया। अब जो भी वाहन चालक 20 किलोमीटर लंबे चक्कर से बचना चाहता है, वह किसान के इस कच्चे रास्ते का इस्तेमाल करता है और इसके बदले बुजुर्ग चाचा उनसे 30 रुपए की फीस वसूलते हैं। आखिर किस तरह का नजारा है आप खुद इस वीडियो में देख लें...

    इसे कहते हैं आपदा में अवसर

    वीडियो देखकर एक पल के लिए आप भी सोच में पड़ गए होंगे। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को indiarawnews नाम के पेज से शेयर किया गया है। वीडियो को लाखों लोग अब तक देख चुके हैं। इतना ही नहीं वीडियो पर यूजर्स जमकर कमेंट भी कर रहे हैं। एक वर्ग का कहना है कि यह 'बिजनेस माइंडसेट' और 'आपदा में अवसर' ढूंढने का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने लोगों का समय और ईंधन बचाया है, इसलिए 30 रुपए की फीस वाजिब है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह लोगों की मजबूरी का फायदा उठाना और अवैध वसूली है। तो इसपर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।

    Kaushlendra Pathak
    कौशलेंद्र पाठकauthor

    कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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