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न बैनर-पोस्टर, न होर्डिंग, न रोड शो... UP दौरे से पहले विनोद तावड़े का पदाधिकारियों को सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा ने अभी से इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। तावड़े को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने एक ऐसे नेता पर भरोसा जताया है, जिसे चुनाव और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है।

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उत्तर प्रदेश में 2027 में होने हैं विधानसभा चुनाव।

Photo : PTI

Vinod Tawde UP Visit: उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रभारी बनने के बाद विनोद तावड़े पहली बार पांच सितंबर को राज्य के दौरे पर पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अपने इस दौरे को लेकर तावड़े ने राज्य के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। तावड़े ने कहा है कि उनके स्वागत में राज्य में कोई बैनर-पोस्टर और होर्डिंग न लगाई जाए। इसके अलावा उन्होंने कोई रोड शो निकालने के लिए भी पदाधिकारियों को मना किया है। तावड़े का कहना है कि इससे आम लोगों को परेशानी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि तावड़े लखनऊ पहुंचते ही संगठन की अहम बैठक लेंगे।

वरिष्ठ नेताओं-संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक

सूत्रों का कहना है कि यूपी प्रवास के दौरान तावड़े लखनऊ में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने और चुनाव के लिए रणनीति बनाने पर भी मंथन किया जाएगा। भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद विनोद तावड़े का यह पहला यूपी दौरा है। उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और भाजपा ने अभी से इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। तावड़े को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने एक ऐसे नेता पर भरोसा जताया है, जिसे चुनाव और संगठन दोनों का लंबा अनुभव है।

सामाजिक-जातीय समीकरण मजबूत करने पर जोर

भाजपा ने जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार भाजपा का खास फोकस सामाजिक और जातीय समीकरणों को मजबूत करने पर है। ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के नेताओं को संगठन में ज्यादा जिम्मेदारियां देने की कोशिश भी की जा रही है। राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े भाजपा और एनडीए के लिए कई अहम चुनावी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। पार्टी के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ भी उनके अच्छे संबंध माने जाते हैं।

बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाया

तावड़े का राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से शुरू हुआ। वह एबीवीपी के महासचिव भी रह चुके हैं। 1995 में उन्हें भाजपा महाराष्ट्र का महासचिव बनाया गया। उस समय महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना गठबंधन की सरकार बनी थी। 2002 में तावड़े को दोबारा महाराष्ट्र भाजपा का महासचिव बनाया गया। इस दौरान उन्होंने बूथ स्तर तक पार्टी के संगठन को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया और भाजपा की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाने के लिए काम किया।

मुंबई इकाई के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने

1999 में तावड़े भाजपा की मुंबई इकाई के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने। उनके कार्यकाल में बीएमसी में भाजपा के पार्षदों की संख्या दोगुनी हुई और पार्टी की ताकत भी बढ़ी। उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुंबई के लिए करोड़ों रुपये का बजट भी हासिल किया, जिससे शहर में कई विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली।

Ravikant Rai
रविकांत रायauthor

सत्ता के गलियारों से आम जनमानस से जुड़ी हर ख़बर पर पैनी नज़र, । राजनीति के हर दांव पेंच से वाकिफ, 13 सालों में दो लोकसभा चुनाव और कई राज्यों के विधान सभा चुनाव कवर करने का अनुभव। संसद भवन, बीजेपी और प्रधानमंत्री कार्यालय को मैं कवर करता हूं... फिल्मे देखना , सपने देखना और उनका पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा देना ये मेरा जुनून है।

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