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सास हो तो ऐसी...दामाद के स्वागत में बना दिए 173 पकवान; 4 दिन तक जलता रहा चुल्हा!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 17, 2023, 05:21 PM IST

अभी तक आपने बिहार के मिथला इलाके में दामाद के स्वागत की कहानियां सुनी होगी, जहां दामाद के स्वागत में दर्जनों प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं, लेकिन साउथ इंडिया के कुछ इलाकों में भी ऐसा ही हाल है, यहां मकर सक्रांति के अवसर पर दामादों का स्वागत बहुत ही भव्य तरीके से किया जाता है।

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दामाद के स्वागत में बना 173 प्रकार का पकवान

सुसराल में दामादों का स्वागत हमेशा खास तरीके से किया जाता रहा है। दामाद के आने पर सास और ससुराल वाले स्वागत में हाथ जोड़े खड़े रहते हैं, लेकिन कभी आपने सुना है कि दामाद के स्वागत में 100 से ज्यादा पकवान बनाए गए हों, नहीं न? लेकिन ये सच है, आंध्र प्रदेश के गोदावरी जिले में एक सास ने लगातार चार दिनों तक मेहनत करके दामाद के लिए 173 प्रकार के पकवान बनाए हैं।

डिश के साथ नाम

सास ने सिर्फ व्यंजन ही तैयार नहीं किए, जब दामाद को ये डिश परोसा गया तो डिश के साथ-साथ उसके साथ नामों की भी पर्ची लगाई गई थी, ताकि डिश को पहचानने में कोई परेशानी न हो।

क्या-क्या था डिश में

इस डिश में राइस, बिरयानी, रोटी, पापड़, पूड़ी, सब्जी, इमली वाले चावल, टमाटर के चावल, लेमन राइस, पकोड़े, वड़ा, पायसम, जलेबी, मैसूर पाक, लड्डू, पालक वड़ा, प्याज के वड़े, प्याज के पकोड़े, दही, छाछ, मिठाई समेत दर्जनों व्यंजन शामिल थे।

कहां का है मामला

यह मामला आंध्रप्रदेश के गोदावरी जिले का है। यहां मकर सक्रांति बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर दामाद को भी न्योता दिया जाता है। संक्रांति के मौके पर हैदराबाद से पृथ्वी गुप्ता अपनी पत्नी हरिका के साथ पूर्वी गोदावरी जिले के भीमावरम स्थित अपनी ससुराल गए थे। हरिका के पिता नागा पितृलक्ष्मी नारायण और मां संध्या ने बेटी और दामाद का गर्मजोशी से स्वागत किया। शादी के बाद संक्रांति पर पहली बार घर आए दामाद को सरप्राइज देने के लिए संध्या ने अपने रिश्तेदारों की मदद से 173 तरह के व्यंजन बनाए।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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