शहर

अमृत भारत स्टेशन या ‘वॉटरफॉल’? बारिश में आजमगढ़ स्टेशन का वीडियो वायरल; 27.5 करोड़ का काम पहली बारिश में फेल

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकासाधीन आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहली तेज बारिश में प्लेटफॉर्म नंबर दो पर छत और फॉल्स सीलिंग से पानी झरने की तरह गिरा। वीडियो वायरल होने के बाद निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठे।

Image

आजमगढ़ अमृत भारत स्टेशन की पहली बारिश में खुली पोल

आजमगढ़ : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 27.5 करोड़ रुपये खर्च कर आजमगढ़ रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने के दावे की पहली ही मूसलाधार बारिश में पोल खुलती नजर आई। सोमवार रात हुई तेज बारिश के दौरान प्लेटफार्म नंबर दो पर टीनशेड और फॉल्स सीलिंग से पानी झरने की तरह गिरने लगा। बारिश से बचने के लिए शेड के नीचे पहुंचे यात्रियों को वहां भी पानी टपकता मिला। इससे यात्रियों को अपने सामान और बच्चों के साथ इधर-उधर भटकना पड़ा। घटना का वीडियो किसी यात्री ने मोबाइल से बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

आजमगढ़ रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत वाराणसी मंडल के चयनित स्टेशनों में शामिल किया गया है। स्टेशन के पुनर्विकास के तहत यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। प्लेटफार्म को बेहतर बनाने के लिए करीब 4.86 करोड़ रुपये की लागत से उच्चीकरण, सरफेस सुधार, शेड और फॉल्स सीलिंग का काम कराया गया है। लेकिन करोड़ों रुपये के इस काम की पहली तेज बारिश में ही परीक्षा हो गई।

फॉल्स सीलिंग और छत से पानी गिर रहा

वायरल वीडियो में प्लेटफार्म नंबर दो पर फॉल्स सीलिंग और छत से पानी गिरता दिखाई दे रहा है। छत पर लगे पंखे से भी पानी टपक रहा था। वहीं, ड्रेनेज पाइप से पानी निकलने के कारण प्लेटफार्म पर गंदा पानी फैल गया। टीनशेड भी यात्रियों को बारिश से बचाने के बजाय पानी की बौछारों का कारण बनता नजर आया।

छत, पंखों और बिजली के तारों के आसपास पानी गिरने से यात्रियों के बीच विद्युत करंट उतरने की आशंका भी बनी रही। किसी अनहोनी की आशंका से यात्री अपने बच्चों और सामान को लेकर सुरक्षित स्थान तलाशते नजर आए। ट्रेन का इंतजार कर रहे कई यात्रियों के बैग और अन्य सामान भी पानी से भीग गए। मामले में वाराणसी के डीआरएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि आजमगढ़ क्षेत्र में पिछले 12 घंटों के दौरान हुई जबरदस्त बारिश के कारण पीपी शेल्टर का वैली गटर ओवरफ्लो हो गया। इसके चलते बारिश का पानी पीपी शेल्टर से होते हुए वैली गटर के किनारों से नीचे गिरने लगा।

डीआरएम के मुताबिक, आजमगढ़ स्टेशन पर रीडेवलपमेंट का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण स्टेशन पर कई स्थानों पर अतिरिक्त कंस्ट्रक्शन जॉइंट्स बने हैं। इन स्थानों पर ग्राउटिंग का काम कराया जा रहा है। जिस स्थान पर सीपेज की समस्या सामने आई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर ग्राउटिंग का कार्य कराया जाएगा।

हालांकि, बारिश के दौरान सामने आई स्थिति ने स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बारिश में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था ही चुनौती बन गई। अब देखने वाली बात होगी कि रेलवे प्रशासन ग्राउटिंग और अन्य मरम्मत कार्य कितनी जल्दी पूरा कराकर ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकता है। यात्रियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही स्टेशन प्रशासन पूरी तरह जागेगा?

सचिन कुमार श्रीवास्तव की रिपोर्ट

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article