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अब गांव में ही मिलेगा रोजगार! केंद्र ने शुरू किया ‘मिशन समृद्ध गांव’; गरीबी मुक्त गांवों का क्या है ब्लूप्रिंट?

केंद्र सरकार ने ग्रामीण पलायन रोकने और गांवों में रोजगार व बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के लिए ‘मिशन समृद्ध गांव’ योजना शुरू की है। मध्य प्रदेश के बुदनी और खातेगांव से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।

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मिशन समृद्ध गांव शुरू (फोटो-Istock)

दिल्ली : गांवों से शहरों की ओर पलायन, सीमित रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियों से जूझ रहे ग्रामीण भारत के लिए केंद्र सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली में ‘मिशन समृद्ध गांव’ योजना का शुभारंभ किया। इस मिशन का उद्देश्य ऐसे मॉडल गांव विकसित करना है, जहां हर परिवार को आजीविका का अवसर मिले, जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों और लोगों को रोजगार की तलाश में अपना घर छोड़ने की मजबूरी न हो।

योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी और देवास जिले के खातेगांव ब्लॉक से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जाएगी। यहां विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और समग्र ग्राम विकास का मॉडल तैयार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाए।

मिशन के तहत परिवार, ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर विकास की विस्तृत रूपरेखा बनाई जाएगी। प्रत्येक परिवार की जरूरतों और पात्रता के अनुसार उसे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं को एक ही ढांचे में शामिल कर विकास को गति देने की कोशिश होगी।

क्या बोले शिवराज सिंह चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के भविष्य को बदलने का प्रयास है। उन्होंने भरोसा जताया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने से गरीबी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मिशन में महिला किसानों और ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर रहेगा। ‘लखपति दीदी’ जैसे अभियानों की तर्ज पर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा फल-सब्जी उत्पादन, पशुपालन, मछली पालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। सरकार का मानना है कि खेती के साथ विविध आजीविका के अवसर बढ़ने से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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