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Amazing Video: पत्थर चीरकर खिला फूल, पहाड़ों पर 8 साल में बस एक बार उगता है यह

प्रकृति से बड़ा जादूगर कोई नहीं हो सकता। वह हर रोज हमें कोई ना कोई नया जादू दिखाकर हमें हैरान कर ही देती है। हाल में कुछ ऐसा ही हैरत भरा नजारा इस वक्त सोशल मीडिया पर देखा गया।

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पत्थरों के बीच खिला यह फूल (Instagram/@TimesNow)

Amazing Video: एक पौधे को उगने के लिए जो सबसे जरूरी चीज होती है, वो मिट्टी है। जो उस पौधे को पोषक तत्व पहुंचाती है। एक तरह से मान लो कि अगर पौधा बच्चा है तो मिट्टी उसकी मां है, जो उस पौधे को अपनी कोख से जन्म देती है। मगर सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे फूल का वीडियो (Video) वायरल हो रहा है। जो मिट्टी नहीं बल्कि पत्थर के बीच खिला हुआ है।

ये कौन सा फूल है?

हल्के पीले रंग का यह फूल पहाड़ों पर खिला देख ऐसा लग रहा है मानो जैसे प्रकृति ने कोई चमत्कार कर दिया हो। मगर आपको बता दें कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि इस फूल की खासियत है। यह फूल पहाड़ों में ही पत्थर और चट्टानों के बीच ही खिलता है और इस फूल का नाम स्नो लोटस (Snow Lotus) है। यह फूल अपनी इसी खासियत की वजह से पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। आइए आपको इस स्नो लोटस नामक अनोखे फूल के बारे में थोड़ी और भी जानकारी दे देते हैं।

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कहां उगता है स्नो लोटस?

स्नो लोटस एक ऐसा पौधा है जो बेहद ही कठिन परिस्थितियों में भी उग सकता है। स्नो लोटस चीन के तियानशान पर्वत (Tianshan Mountains) में पाया जाता है। यह पौधा आमतौर पर 10,000 फीट से भी ज्यादा की ऊंचाई पर उगता है। इतनी ऊंचाई, जहां बहुत ज्यादा ठंड, पतली हवाएं और तेज धूप होती है। ऐसे में किसी भी पौधे के लिए वहां जीवित रहना आसान नहीं है फिर भी यह स्नो लोटस का पौधा इस जलवायु में भी उगता है और इसका फूल खिला रहता है।

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कई साल में तैयार होता है पौधा

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्नो लोटस को पूरी तरह से तैयार होने में लगभग 5 से 8 साल का वक्त लग जाता है। इतना ही नहीं, यह पौधा अपने जीवन में सिर्फ एक ही बार फूल देता है। इसी वजह से जब भी यह खिलता है, तो वह पल बहुत खास माना जाता है। स्नो लोटस का इस्तेमाल दवाइयों में भी करते हैं। इस फूल के अंदर एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे गुण होते हैं।

अब खतरे में है यह दुर्लभ पौधा

ऐसे ही गुणों की वजह से इस फूल की मांग बहुत ही ज्यादा है और इसकी बढ़ती मांग और इसे ज्यादा तोड़े जाने की वजह से इसकी संख्या हर रोज कम होते जा रही है। साथी ही इस पौधे के लिए जलवायु परिवर्तन (Climate Change) भी खतरा बनते जा रहा है। स्नो लोटस सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि प्रकृति की अनमोल धरोहर है। इसे बचाना जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस दुर्लभ और खूबसूरत फूल को देख सकें।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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