वायरल न्यूज़

अजब: कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए 'चूहे के बिल' में रह रहे यहांं के लोग! 700 सालों से चली आ रही परंपरा

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Dec 13, 2022, 11:26 AM IST

Ajab Gajab News: इन घरों में न तो सूरज की रोशनी आती है और न ही हवा का कोई प्रभाव होता है। इसके बाद भी 700 सालों से लोग चूहे के बिलों जैसे घरों में रहते हैं। सबसे खास बात यह है कि इन घरों में सर्दी और गर्मी का प्रभाव बिल्कुल नहीं होता है।

Image

कंदोवन गांव (सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • ईरान में मौजूद है कंदोवन गांव
  • चूहे के बिल जैसे घरों में रहते हैं लोग
  • अजीबोगरीब परंपरा के लिए मशहूर गांव

Ajab Gajab News: हर कोई चाहता है कि उसके पास आलीशान घर हो। इसीलिए लोग दिन-रात मेहनत करते हैं। दूसरी तरफ कुछ लोग चूहे के बिल जैसे घरों में रहना पसंद करते हैं। यह जानकर आप भी चौंक गए होंगे। जी हां! दुनिया में एक ऐसा गांव है, जहां के लोग कड़कड़ाती ठंड और तपती गर्मी से बचने के लिए चूहे के बिल जैसे घरों में रहते हैं। इन घरों में न तो सूरज की रोशनी आती है और न ही हवा का कोई प्रभाव होता है। दरअसल, यहां के लोग 700 सालों से ऐसा करते आ रहे हैं।

ईरान का कंदोवन गांव

ईरान में एक जगह है कंदोवन गांव। इस गांव के लोग चूहे के बिल नुमा घरों में रहते हैं। अपनी अजीबोगरीब परंपरा के लिए इस गांव के लोग दुनियाभर में मशहूर हैं। ये एक तरह से चूहों के बिल जैसा घर बनाकर उसमें आराम से रहते हैं। इन घरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें न तो सर्दी का प्रभाव होता है और न ही गर्मी असर करती है। बल्कि इन घरों में सर्दी के दिनों में गर्मी का अहसास होता है और गर्मी के दिनों में घर ठंडे रहते हैं। भले ही ये घर देखने में अजीब लगते हैं, लेकिन रहने में बहुत ही ज्यादा आरामदायक होते हैं।

मंगोल आक्रमणकारियों से बचने के लिए बनाया घर

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव के लोग 700 सालों से यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। इस गांव के लोगों के ठंडी में न तो हीटर की जरूरत पड़ती है और न ही गर्मी में उन्हें कूलर, पंखा या एसी चाहिए होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि चूहे के बिल जैसे घरों का निर्माण कैसे हुआ होगा? बता दें कि यहां के लोगों के पूर्वजों ने मंगोल आक्रमणकारियों के हमलों से बचने के लिए ऐसे घर बनाए थे। वह मंगोल आक्रमणकारियों से बचने के लिए ज्वालामुखी के चट्टानों में ठिकाना खोदते थे। बाद में यही उनका स्थायी घर बन जाता था।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

और पढ़ें
End of Article