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Ajab Gajab: इतने करोड़ में बिका डायनासोर का कंकाल, कीमत सुन लोग बोले - इतने में तो जिंदगी शान से कट जाए

न्यूयॉर्क के एक ऑक्शन में डायनासोर के कंकाल की नीलामी की है, जिसमें यह कंकाल 44.6 मिलियन डॉलर में बिका है। अगर भारतीय करेंसी में देखा जाए तो इस कंकाल की करीब 373 करोड़ रुपये में नीलामी की गई है।

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373 करोड़ में बिका डायनासोर का कंकाल (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • ऑक्शन में बिका डायनासोर का कंकाल
  • 373 करोड़ रुपये में बिका यह कंकाल
  • अमेरिका के न्यूयॉर्क में हुई नीलामी

Dinosaur Skeleton Auctioned: दुनिया में शायद ही ऐसा कोई हो, जो डायनासोर के नाम से वाकिफ ना हो। डायनासोर पर कई सारी फिल्में भी बनाई गई है, जो खासा चर्चित भी हुई। एक रिसर्च से मालूम हुआ था कि डायनासोर का अस्तित्व करोड़ों साल पहले था, जिसके अवशेष खुदाई में मिलते रहते हैं। इससे उनके साइज और वजन का पता चलता रहता है। दुनियाभर के लोगों में खासा जिज्ञासा भी रहती है कि वे डायनासोर के बारे में पता लगा सकें।

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक ऑक्शन रखा गया था, जिसमें डायनासोर के कंकाल की नीलामी की गई। इस नीलामी में रिकॉर्डतोड़ बोली लगी। CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंकाल को हेज एंड फंड सिटाडेल के CEO केन ग्रिफिन ने खरीदा है। केन ग्रिफिन ने इस कंकाल को 44.6 मिलियन डॉलर में खरीदा है, जो लगभग 373 करोड़ रुपये के बराबर है। ये अब तक सबसे महंगा बिकने वाला जीवाश्म बन गया है।

15 करोड़ साल पुराना है यह कंकाल

बता दें, यह कंकाल लगभग 15 करोड़ साल पुराना है और लेट जुरासिक पीरियड का है। ये अब तक का सबसे पूर्ण कंकाल में से एक है, जो इतना साल पुराना है। स्टेगोसोरस का यह कंकाल लगभग 11 फुट ऊंचा और नाक से लेकर पूंछ तक लगभग 27 फुट लंबा है। इसके आकार के कारण इसे 'एपेक्स' नाम दिया गया है। इससे पहले साल 2020 में टायरेनोसोरस रेक्स का कंकाल लगभग 265 करोड़ रुपये बिका था।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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