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Shocking News: बिना सिर के डेढ़ साल तक जिंदा रहा मुर्गा, जानें कहां हुआ यह अनोखा चमत्कार

Ajab Gajab News: अमेरिका के कोलोराडो में साल 1945 में एक मुर्गा बिना सिर के 18 महीने तक जीवित रहा था। आपको जानकर हैरानी होगी कि मुर्गा बिना सिर के इलाके में टहलता था। इस घटना के बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए थे।

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बिना सिर के जीवित मुर्गा (ट्विटर)

Ajab Gajab News: किसी की गर्दन कट जाए तो क्या वह जिंदा रह सकता है? इस सवाल का साफ जवाब होगा- नहीं। दूसरी तरफ हम आपको एक ऐसी चमत्कारिक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आपको अपनी कानों पर यकीन नहीं होगा। यह चमत्कारिक घटना आज से तकरीबन 80 साल पहले अमेरिका में घटी थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि अमेरिका के कोलोराडो में साल 1945 में एक मुर्गा बिना सिर के 18 महीने तक जीवित रहा था।

बिना सिर के टहलता था मुर्गा

अमेरिका के इस चमत्कारिक मुर्गे का नाम था ‘माइक’ था। इस मुर्गे को आज भी लोग ‘हेडलैस चिकन’ के नाम से जानते हैं। अमेरिका के रहने वाले लॉयड ओल्सन और उनकी पत्नी क्लारा कोलोराडो के एक फार्म में मुर्गों को मारने का काम करते थे। इसी बीच उन्होंने एक ऐसे मुर्गे की गर्दन काटी, जिसका सिर कटने के बावजूद भी वह जिंदा रह गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह बिना सिर के इलाके में टहलता था। इस घटना के बारे में जानकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए थे।

कैसे 18 महीने जिंदा रह पाया था मुर्गा

इसके बाद वैज्ञानिकों ने बकायदा रिसर्च में बताया कि यह मुर्गा कैसे 18 महीनों तक बिना सिर के जीवित बचा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, सारे मुर्गों का दिमाग पीछे की तरफ होता है। माइक नाम के इस मुर्गे का जब सिर काटा गया तो उसका थोड़ा सा दिमाग और गले का कुछ हिस्सा सुरक्षित बच गया था। इस कारण वह इतने महीनों तक जिंदा रह सका था। उस मुर्गे की किस्मत इतनी अच्छी थी कि उसका ब्लड फ्लो भी तुरंत ही रुक गया था, जिस कारण वह खून बहने से भी नहीं मरा। इसके बाद ओल्सन ने उसकी देखभाल शुरू की और नली से खाना-पानी देने लगे।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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