शहर

10 साल के नामीबियाई चीते 'गौरव' की मौत, कूनो में इलाज के दौरान तोड़ा दम; कमजोरी और डिहाइड्रेशन से था पीड़ित

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में इलाज के दौरान 10 साल के नामीबियाई चीते 'गौरव' की मौत हो गई। उसे 12 सितंबर को कमजोरी और सुस्ती के लक्षण दिखने के बाद जंगल से रेस्क्यू किया गया था।

Image

10 साल के नामीबियाई चीते 'गौरव' की मौत (फाइल फोटो)

Namibian Cheetah Gaurav Died in Kuno: 21 सितंबर यानी सोमवार शाम मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में इलाज के दौरान 10 साल के नामीबियाई चीते 'गौरव' की मौत हो गई। उसे 12 सितंबर को कमजोरी और सुस्ती के लक्षण दिखने के बाद जंगल से रेस्क्यू किया गया था। चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर ने कहा, 'जांच में वह काफी कमजोर पाया गया, उसकी मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं और उसे गंभीर डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) था। उसे तुरंत जरूरी इलाज और सपोर्ट दिया गया, जिसके बाद उसे पालपुर ले जाया गया और बारीकी से निगरानी और आगे के इलाज के लिए क्वारंटीन बोमा (QB) में रखा गया।'

डायरेक्टर ने बताया कि शुरुआती क्लिनिकल जांच के आधार पर किसी पुरानी बीमारी का शक था।उन्होंने कहा, 'लगातार इलाज और देखभाल के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और सोमवार शाम करीब 4 बजे उसकी मौत हो गई।' उन्होंने आगे कहा कि मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम और लिए गए सैंपल की जांच के बाद चलेगा।

कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते हैं

रिपोर्ट मिलने के बाद और जानकारी मिल पाएगी। डायरेक्टर ने बताया कि इसके साथ ही कूनो नेशनल पार्क में अब 51 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे 36 चीते भी शामिल हैं। अधिकारी ने आगे बताया कि 51 में से 16 चीते अभी खुले जंगल में घूम रहे हैं।

मादा चीता KGP12 ने चार नन्हें शावकों को जन्म दिया

वहीं अभी हाल ही में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार नन्हें शावकों को जन्म दिया है, सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि चार नए शावकों का जन्म भारत में चीता पुनर्स्थापना से आगे बढ़कर प्राकृतिक प्रजनन और नई पीढ़ी के संरक्षण की दिशा में अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article