मायावती ने डॉ. अंबेडकर को दी श्रद्धाजंलि, बहुजनों के 'अच्छे दिन' पर उठाए सवाल; SIR में भागीदारी बढ़ाने की अपील की
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Dec 6, 2025, 02:20 PM IST
डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बहुजन समाज के अधिकारों और वोट की ताकत पर जोर देते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष SIR को बहुजन समाज के लिए अहम बताते हुए वंचित वर्गों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की। मायावती ने अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को आज भी समान अवसर नहीं मिल पाए हैं।
परिनिर्वाण दिवस पर मायावती ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि (फाइल फोटो | PTI)
डॉ. भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने बहुजन समाज के अधिकारों, राजनीतिक जागरूकता और वोट की ताकत पर जोर देते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को बहुजन समाज के लिए बेहद अहम बताते हुए अपील की कि वंचित वर्ग अपने वोट के अधिकार की रक्षा करने के लिए बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लें।
डॉ. अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने आज अपने आवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने देशभर में बाबा साहेब के अनुयायियों द्वारा अर्पित की गई श्रद्धांजलि के लिए विशेष रूप से उत्तर प्रदेश सहित सभी समर्थकों का तहेदिल से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और अन्य वंचित समाज के करोड़ों लोगों के लिए आज भी समान अवसर और सशक्त जीवन एक सपना बना हुआ है, जबकि बाबा साहेब ने इन्हें उनका वैधानिक अधिकार दिलाने हेतु आजीवन संघर्ष किया।
बहुजनों के 'अच्छे दिन' पर पूछा सवाल
मायावती ने सभी कार्यकर्ताओं और खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों का धन्यवाद देते हुए कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के साथ-साथ बाबा साहेब की जयंती व पुण्यतिथि पर यह सवाल बार-बार मन में उठता है कि संविधान के पवित्र मानवतावादी और कल्याणकारी उद्देश्यों पर आधारित करोड़ों बहुजनों के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान युक्त अच्छे दिन कब आएंगे?"
BSP सुप्रीमो ने देश की एकमात्र अंबेडकरवादी पार्टी होने का दावा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि जिन दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ा वर्ग और धार्मिक अल्पसंख्यकों के हित-कल्याण के लिए बाबा साहेब ने आजीवन संघर्ष किया और संविधान में विशेष अधिकार व कानून दिलवाए, उन करोड़ों शोषित-पीड़ित लोगों को अभी तक थोड़े से भी 'अच्छे दिन' क्यों नसीब नहीं हुए।
SIR में हिस्सा लेने की अपील की
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज को अपनी सबसे बड़ी शक्ति, वोट को पहचानना होगा और उसकी रक्षा करनी होगी। इसी क्रम में उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए अपील की कि बहुजन समाज जागरूकता के साथ इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले।
आज भी दूर रखे जा रहे बहुजन समाज
बसपा प्रमुख ने कहा कि जातिवादी पार्टियों के राज-काज में बहुजन समाज की वास्तविक तरक्की कभी संभव नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी बहुजन समाज को सत्ता के केंद्र से दूर रखने के लिए साम, दाम, दंड, भेद और राजनीतिक षड्यंत्रों का सहारा लिया जा रहा है। देश में रुपये के भारी अवमूल्यन पर भी मायावती ने चिंता व्यक्त की और कहा कि यह मुद्दा केवल आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक महत्व का बन गया है।
जगह-जगह याद किए गए बाबा साहेब
उन्होंने मांग की कि सरकार इसे गंभीरता से लेकर ठोस समाधान प्रस्तुत करे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न मंडलों में आयोजित कार्यक्रमों में लखनऊ की गोमती नदी के तट पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर बड़ी संख्या में अनुयायी एकत्र हुए। इसी प्रकार पश्चिमी यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड के लोगों ने नोएडा स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डेन में एकत्र होकर बाबा साहेब को नमन किया। यहां बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।