Independence Day: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने कहा कि हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करते हैं, जिनके साहस, बलिदान और अटूट संकल्प ने देश से औपनिवेशिक शासन के अंत का मार्ग प्रशस्त किया। उनके सपने आज भी हमें प्रेरित करते हैं और हम सभी मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 140 करोड़ भारतीयों की शक्ति से प्रेरित हमारा राष्ट्र विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की नई ऊंचाइयां छू रहा है। कामना है कि आने वाले समय में विकास और प्रगति की यह यात्रा और भी तेज गति से आगे बढ़ती रहे।
खरगे ने दी शुभकामनाएं
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी देशवासियों को आजादी के इस पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। X पर अपने एक पोस्ट में खरगे ने कहा कि 'हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने भारत की आजादी के संघर्ष में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति अटूट विश्वास आज भी हमें प्रेरित करता है।'
वीर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन-शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने भी 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। शाह ने अपने पोस्ट में कहा कि 'समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मां भारती की आजादी के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सभी वीर सेनानियों को कोटि-कोटि नमन करता हूं। आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को और गति देने का संकल्प लें।'
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत
खरगे ने कहा कि पिछले 79 वर्षों में भारत की यात्रा उल्लेखनीय उपलब्धियों, संघर्षों और सामूहिक संकल्प की यात्रा रही है। हमने एक लंबा सफर तय किया है, लेकिन एक राष्ट्र के रूप में हमारी कई आकांक्षाएं अभी भी अधूरी हैं। हमारे लिए स्वतंत्रता केवल ब्रिटिश शासन से मुक्ति का नाम नहीं थी। यह हमारे संविधान द्वारा प्रत्येक भारतीय को दिया गया समानता, गरिमा, न्याय और बिना किसी भय के अपनी बात कहने की स्वतंत्रता का आश्वासन है। यही मूल्य हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत और प्रत्येक नागरिक की सबसे मजबूत सुरक्षा हैं।
'सबसे बड़ा संकल्प आशा होना चाहिए'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि 'पिछले एक दशक में हमारे संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सद्भाव के सामने गंभीर चुनौतियां आई हैं। हमारे युवाओं को अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के अवसर मिलने चाहिए। हमारे किसानों को उनकी मेहनत के लिए सम्मान और न्याय मिलना चाहिए। हमारी महिलाओं को समानता, सशक्तिकरण और भारत के भविष्य को आकार देने में समान आवाज मिलनी चाहिए। दलितों, आदिवासियों, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को हमारे संविधान द्वारा किए गए समानता और न्याय के वादे का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। इस स्वतंत्रता दिवस पर हमारा सबसे बड़ा संकल्प आशा होना चाहिए।'
