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Gambhir Bimari Sahayata Yojana: गंभीर बीमारी के इलाज में मदद करती है यूपी सरकार, जानें कैसे करना है आवेदन

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Nov 30, 2022, 09:42 AM IST

UP Gambhir Bimari Sahayata Yojana 2022: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक रूप से कमज़ोर श्रमिक वर्ग के लिए गंभीर बीमारी सहायता योजना शुरू की थी जिसके तहत गंभीर बीमारी का इलाज किसी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में करवाने पर पूरा खर्चा सरकार भरती है।

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Gambhir Bimari Sahayata Yojana: गंभीर बीमारी के इलाज में मदद करती है यूपी सरकार, जानें कैसे करना है आवेदन

UP Gambhir Bimari Sahayata Yojana 2022: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक रूप से कमज़ोर श्रमिक वर्ग के लिए गंभीर बीमारी सहायता योजना शुरू की थी। उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत गंभीर बीमारी का इलाज किसी सरकारी अथवा निजी अस्पताल में करवाने पर पूरा खर्चा सरकार भरती है। लाभार्थी स्वयं या पारिवारिक सदस्य की गम्भीर बिमारी में प्रवेश के किसी सरकारी स्वायत्तशासी चिकित्सालय में कराये गये इलाज पर व्यय की शत प्रतिशत पूर्ति उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा की जाती है।

वहीं इसी योजना के तहत लाभार्थी गम्भीर बिमारी की स्थिति में राष्ट्रस्वास्थ्य बीमा योजना भारत सरकार (CGHS व ESI) द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज कराते हैं तो इलाज की प्रतिपूर्ति सीधे अस्पताल को दी जाती है।

गंभीर बीमारी सहायता योजना की पात्रता

इस योजना के तहत सभी निर्माण श्रमिक (गत वित्तीय वर्ष से पंजीकृत) स्वयं एवं पारिवारिक सदस्य पात्र होंगे। इस योजना के अन्तर्गत हृदय आपरेशन‚ गुर्दा ट्रान्सप्लान्ट‚ लीवर ट्रान्सप्लान्ट‚ मस्तिष्क आपरेशन‚ रीढ़ की हड्डी ऑपरेशन‚ पैर के घुटने बदलना‚ कैंसर इलाज‚ एड्स बीमारी को शामिल किया गया है।

आवेदन का तरीका

लाभार्थी श्रमिक द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर दो प्रतियों में आवेदन-पत्र प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित प्रारूप-1 पर आवेदन पत्र जमा करना होगा। यदि रोगी अविवाहित पुत्री अथवा 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र है तो ऐसी स्थिति में उसका पंजीकृत निर्माण श्रमिक पर आश्रित होने का प्रमाण-पत्र चाहिए।

गंभीर बीमारी सहायता योजना की शर्तें

  • योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक बोर्ड का पंजीकृत लाभार्थी श्रमिक हो।
  • किसी गम्भीर बीमारी के इलाज के फलस्वरूप उपचार करने वाले चिकित्सक/अस्पताल द्वारा प्रारूप-2 पर दिया गया प्रमाण पत्र हो।
  • दवाईयों के क्रय पर हुए व्यय के मूल बिल/बाउचर जो कि उस चिकित्सक/अस्पताल द्वारा प्रामाणित किए गए हो, जिनके द्वारा उपचार किया गया है।
कुलदीप राघव
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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