यूटिलिटी

Indian Railways IRCTC: ट्रेनों में 'माल चोरी' पर लगेगी लगाम! रेलवे करने जा रहा यह इंतजाम, जानें- सिस्टम कैसे करेगा काम?

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 21, 2023, 09:42 PM IST

Indian Railways IRCTC OTP based Digital Locking System: आम तौर पर यह सिस्टम ट्रकों में यूज किया जाता है, जहां एक स्मार्ट लॉक होता है। जीपीएस इनेबल्ड यह लॉक वाहन की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा देता है, जिससे समय दर समय पता चलता है कि गाड़ी कहां है और इससे उसमें चोरी होने का डर भी कम रहता है।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : IANS

Indian Railways IRCTC OTP based Digital Locking System: ट्रेनों में माल गाड़ियों और पार्सल गाड़ियों में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रेल नया और आधुनिक बंदोबस्त करने जा रहा है। रेलवे के सीनियर अफसर ने इस बारे में समाचार एजेंसी पीटीआई को मंगलवार (21 फरवरी, 2023) को बताया, "रेलवे में जल्द ही वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधारित डिजिटल लॉकिंग सिस्टम लाया जाएगा, ताकि उसकी परिवहन (माल ले जाने वाली) और पार्सल ट्रेन्स में होने वाली चोरी को रोका जा सके।" आम तौर पर यह सिस्टम ट्रकों में यूज किया जाता है, जहां एक स्मार्ट लॉक होता है। जीपीएस इनेबल्ड यह लॉक वाहन की लाइव ट्रैकिंग की सुविधा देता है, जिससे समय दर समय पता चलता है कि गाड़ी कहां है और इससे उसमें चोरी होने का डर भी कम रहता है।

अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था पूरी तरह से सुरक्षित ओटीपी पर रहेगी, जिसका इस्तेमाल ट्रेनों को खोलने और बंद करने के लिए किया जाएगा। बकौल अफसर, "सफर के दौरान सामान को कोई एक्सेस या चुरा नहीं पाएगा। वह ओटीपी के जरिए खुलेगा और उसी से बंद होगा। फिलहाल हम ट्रेनों में सील का इस्तेमाल करते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि हर स्टेशन पर इस सील के साथ किसी प्रकार की छेड़खानी न हो। नई व्यवस्था की मदद से ढेर सारी समस्याएं कम हो जाएंगी।"

सिस्टम सुचारू रूप से चल सके इसलिए हर स्टेशन पर रेल कर्मचारी को ओटीपी मिलेगा, ताकि वह लोडिंग और अनलोडिंग कर सके। प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हुए अफसर ने बताया कि जब लॉक लग जाएगा, तब संबंधित कर्मचारी के मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाएगा। स्टेशन पर पहुंचने के बाद ड्राइवर को लॉक में लगे बटन को दबाकर अपनी लोकेशन को कन्फर्म करना रहेगा। आगे ओटीपी वेरिफाई होगा और ड्राइवर के नंबर पर एक और ओटीपी जाएगा, जिसके बाद लॉक खुलेगा।

यही नहीं, नए सिस्टम के तहत ट्रेन की ट्रैकिंग के साथ लोकेशन भी रिकॉर्ड की जाएगी। अगर किसी सूरत में दरवाजे के साथ छेड़छाड़ की जाएगी या फिर कोई और दिक्कत होगी तब उक्त अधिकारी के नंबर पर अलर्ट मैसेज जाएगा। अधिकारियों की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि कम से कम रेलवे के तीन जोन सक्रिय तौर पर यह पता लगाने में जुटे हैं कि कौन सी कंपनियां रेलवे को यह सेवा अच्छे, सही दाम और व्यवस्थित तरीके से मुहैया करा सकती हैं।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article