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Explained: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्यों बनी किसानों की फेवरेट? जानिए इनसाइड स्टोरी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना यानी PM-KISAN आज देश के करोड़ों किसानों के लिए सबसे पसंदीदा योजना में से एक बन चुकी है। 2019 में शुरू हुई यह योजना किसानों को सालाना ₹6,000 की सीधी नकद सहायता देती है। लेकिन इस योजना की सफलता के पीछे क्या है इसकी संरचना, पात्रता, फायदे और तकनीकी दिक्कतें-जानिए इस Explainer में हर जरूरी पहलू, विस्तार से।

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पीएम किसान योजना ने किसानों का दिल क्यों जीत लिया? (image-AI)

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जिसे पीएम किसान योजना भी कहा जाता है, का जिक्र आज देश के हर किसान की जुबान पर है। इसे किसानों के लिए सबसे हिट योजना में से एक माना जाता है। पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है, यानी हर चार महीने में 2000 रुपये। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक अकाउंट में भेजी जाती है। यानी किसानों को सीधे लाभ मिलता है। यहां हम इस योजना के बारे में और इसकी शुरुआत से लेकर अब तक की स्थिति के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

क्या है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और कब हुई शुरुआत ?

भारत सरकार ने वर्ष 2018 के अंत में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य देश के छोटे और सीमांत किसानों को सीधी नकद सहायता प्रदान करना है, ताकि वे बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए वित्तीय रूप से सक्षम बन सकें। इस योजना को 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी किया गया, और इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से किया।

इस योजना की जरूरत क्यों पड़ी?

भारत जैसे कृषि प्रधान देश में खेती करने वाले किसानों की आर्थिक स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय रही है। पीएम किसान योजना इस समस्या का समाधान एक अलग तरीके से करती है, यह किसानों को सीधी आर्थिक मदद देती है, जिससे वह अपने हिसाब से कृषि संबंधी प्राथमिकताओं को पूरा कर सकें।

पीएम किसान योजना  (फोटो साभार-istock)

पीएम किसान योजना (फोटो साभार-istock)Instagram में आए नए फीचर्स

पात्रता के नियम: कौन किसान योजना का लाभ उठा सकता है?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को दिया जाता है जिनके पास खेती की जमीन है। यानी, भूमिहीन मजदूर या किरायेदार किसान इस योजना के दायरे में नहीं आते। इस योजना का फोकस उन किसानों पर है जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि है। यानी यह स्कीम उन किसानों के लिए है जो सबसे ज्यादा आर्थिक दबाव में रहते हैं।

  • भूमि रिकॉर्ड के आधार पर पात्रता: राज्य सरकारें भूमि रिकॉर्ड के आधार पर पात्र किसानों की पहचान करती हैं।
  • महिला किसानों को भी लाभ: महिला किसान भी इस योजना की पात्र हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है।

कैसे और कितनी मिलती हैं किस्तें ?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये की नकद सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, यानी 2000 हर चार महीने में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है। भुगतान की यह प्रक्रिया डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के तहत होती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है। हर साल की पहली किस्त अप्रैल से जुलाई के बीच, दूसरी किस्त अगस्त से नवंबर और तीसरी किस्त दिसंबर से मार्च के बीच में दी जाती है। किसान को किस्त की स्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पता चल सकती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
पीएम किसान योजना  (फोटो साभार-istock)

पीएम किसान योजना (फोटो सोर्स-istock)

कैसे करें आवेदन?

पीएम किसान योजना का आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। जो किसान डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर 'New Farmer Registration' के माध्यम से स्वयं आवेदन कर सकते हैं। आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल और भूमि संबंधी जानकारी भरने के बाद आवेदन पूरा होता है।

जो किसान ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे अपने नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर), ग्राम पंचायत, लेखपाल या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकारों की भूमिका इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे लाभार्थियों की जानकारी की पुष्टि करती हैं।

किन दस्तावेजों की होती है जरूरत?

पीएम किसान योजना के लिए आवेदन करते समय किसान को कुछ बुनियादी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें सबसे पहले आधार कार्ड, जो इस योजना में अनिवार्य है, और खेती की भूमि के स्वामित्व का प्रमाण शामिल होता है। इसके अतिरिक्त, बैंक अकाउंट की जानकारी, जैसे कि पासबुक की कॉपी, मोबाइल नंबर और पहचान प्रमाण पत्र की जरूरत होती है। ध्यान देना जरूरी है कि किसान के नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, आधार और बैंक अकाउंट की जानकारी आपस में मेल खानी चाहिए, वरना किस्त अटक सकती है।

किस्तों में देरी और समस्याएं क्यों आती हैं?

कई किसानों को किस्तों के भुगतान में देरी या रुकावट का सामना करना पड़ता है। इसका प्रमुख कारण आधार और बैंक अकाउंट में नाम या जन्मतिथि एक जैसी न होना, भूमि के कारणों में गलती या फिर किसान का रिकॉर्ड अभी भी वेरीफाई प्रक्रिया में होना हो सकता है। कई बार डुप्लिकेट आवेदन या एक ही किसान के नाम पर एक से अधिक आवेदन जमा हो जाने के कारण भी पेमेंट रोका जाता है। इसके अलावा, बैंक अकाउंट बंद हो जाना, IFSC कोड में गलती, या PFMS (Public Financial Management System) द्वारा पेमेंट रिेजेक्ट कर देना भी आम समस्याएं हैं।

इन समस्याओं का समाधान कैसे करें?

सरकार ने किसानों की शिकायतों के निवारण के लिए एक प्रभावी सिस्टम बनाया है। किसान हेल्पलाइन नंबर (155261 या 011-24300606) पर संपर्क कर सकते हैं या pmkisan-ict@gov.in पर ईमेल भेज सकते हैं। इसके अलावा, किसान वेबसाइट पर जाकर ‘Edit Aadhaar Details’, ‘Know Your Status’ और ‘Helpdesk’ सेक्शन का भी उपयोग कर सकते हैं। यदि कोई जानकारी अपडेट करनी हो, जैसे कि बैंक अकाउंट या आधार में सुधार, तो किसान अपने नजदीकी CSC केंद्र या कृषि विभाग कार्यालय में जाकर इसे ठीक करवा सकते हैं।

पिछली किस्तों का रिकॉर्ड और आंकड़े

सरकार अब तक इस योजना के अंतर्गत 19 किस्तें (जुलाई 2025 तक) जारी कर चुकी है। 19वीं किस्त में 9.8 करोड़ किसान, जिनमें 2.41 करोड़ महिला किसान शामिल थीं, को ₹22,000 करोड़ की राशि DBT के माध्यम से दी गई। फरवरी 2025 तक, सरकार ने ₹3.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि 18 किस्तों में किसानों को ट्रांसफर की थी।

इन किस्तों के माध्यम से देश के 11 करोड़ से अधिक किसानों को ₹2.8 लाख करोड़ से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है। इससे यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी नकद सहायता योजनाओं में शामिल हो गई है। अधिकांश राज्यों में किसानों को हर किस्त समय पर मिल रही है, हालांकि कुछ राज्यों में दस्तावेज सत्यापन या तकनीकी वजहों से थोड़ी बहुत देरी होती है।

लेटेस्ट अपडेट: 20वीं किस्त कब आएगी?

  • 20वीं किस्त की संभावित तारीख: 18-20 जुलाई 2025 के बीच2
  • पिछली (19वीं) किस्त: 24 फरवरी 2025 को 22,000 रुपये करोड़ की राशि 9.8 करोड़ किसानों को मिली थी।
  • इस बार भी करीब 9.8 करोड़ किसानों को 2000 रुपये की राशि मिलने की उम्मीद है।

अब तक योजना में क्या-क्या बदलाव हुए हैं ?

2022 के बाद से सरकार ने योजना में कई तकनीकी बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि अब ई-केवाईसी (आधार आधारित प्रमाणीकरण) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभार्थी वही व्यक्ति है जो आवेदन कर रहा है। OTP और बायोमेट्रिक के जरिए ई-केवाईसी पूरा किया जा सकता है।

इसके अलावा सरकार अब ड्रोन और GIS तकनीक की मदद से भूमि रिकॉर्ड को वेरीफाई कर रही है, ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके। किसान डैशबोर्ड नामक एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिसमें जिलेवार लाभार्थियों की जानकारी, भुगतान की स्थिति, और राज्यवार प्रगति रिपोर्ट देखी जा सकती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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