Naina Devi Temple Nainital: उत्तराखंड के नैनीताल की शांत पहाड़ियों के बीच बसा नैना देवी मंदिर शांति का प्रतीक है। नैनी झील के ऊपर स्थित, यह मंदिर एक प्रतिष्ठित शक्ति पीठ और इस सुरम्य हिल स्टेशन का आध्यात्मिक केंद्र है जहां दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। चाहे तीर्थयात्री हों या जिज्ञासु आगंतुक, यह मंदिर सभी पर्यटकों को आकर्षित करता है। मिथक और हिमालयी रहस्य का एक दुर्लभ संयोजन यहां पर पर्यटकों को देखने के लिए मिलता है।
भारत भर में पूजनीय 51 शक्तिपीठों में से नैना देवी मंदिर को एक माना जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वह स्थान है जहां देवी सती की आंखें गिरी थीं, जब भगवान शिव ने अपना तांडव किया था, और उनके जले हुए शरीर को लेकर वह पूरे ब्रह्मांड में चल रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण किया जा चुका है।
घूमने-फिरने का शौक रखने और रोमांच की चाह रखने वाले पर्यटकों को भी ये जगह बेहद लुभाती है क्योंकि यह मंदिर अपने आप में सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली है। यहां का शांत वातावरण तीर्थयात्रियों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।
सड़क मार्ग से अगर आप यात्रा कर रहे हैं तो नैनीताल का दिल्ली से NH9 के जरिए (करीब 300 किमी) यात्रा कर सकते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए नियमित बस और टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं। रेल मार्ग से: सबसे नजदीक काठगोदाम (35 किमी) है, जहां पहुंचने के बाद आप कैब और बस के माध्यम से मंदिर पहुंच सकते हैं।
