सोशल मीडिया पर इन दिनों एक नया ट्रैवल हैक तेजी से वायरल हो रहा है। लोग एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जाने से पहले अपने सूटकेस के पहियों पर काला टेप लपेट रहे हैं। पहली नजर में यह अजीब लग सकता है, क्योंकि पहिए तो आसानी से घूमने के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लोग ऐसा कर क्यों रहे हैं। कई ट्रैवल एक्सपर्ट्स ने इस हैक की हकीकत बताई है।
आखिर क्यों लगाया जा रहा है टेप?
ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सूटकेस के पहियों पर टेप लगाना एक टेंपोरेरी सेफ्टी ट्रिक है। ट्रैवल के दौरान पहिए गीली सड़कों, धूल भरे रास्तों और एयरपोर्ट के फर्श से लगातार संपर्क में रहते हैं। ऐसे में टेप पहियों की बाहरी सतह पर धूल, मिट्टी और गंदगी जमने से कुछ हद तक बचा सकता है।
लोगों को लगता है कि ये हैक खरोंच और स्कफ मार्क्स से भी थोड़ी सेफ्टी दे सकता है, खासकर जब सामान स्टोर किया जा रहा हो या ट्रांजिट में हो। वैसे टेप बड़े झटकों से पहियों को नहीं बचा सकता और न ही साइड से अंदर जाने वाली नमी या गंदगी को पूरी तरह रोक सकता है।
क्या टेप लगाने से पहिए खराब हो सकते हैं?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर टेप सही तरीके से नहीं लगाया गया, तो यह पहियों की परफॉर्मेंस पर असर डाल सकता है। मोटा, ढीला या पहिए से बाहर निकला हुआ टेप जमीन से असमान संपर्क बना सकता है। इससे सूटकेस आसानी से नहीं चलेगा और उसका बैलेंस भी बिगड़ सकता है।
इसके अलावा, टेप का चिपकने वाला हिस्सा धूल और छोटे कणों को अपनी ओर खींच सकता है। इससे पहियों को घूमने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए कभी भी टेप को पहिए के जोड़, बेयरिंग या एक्सल पर कसकर नहीं लपेटना चाहिए और लंबे समय तक उसे लगा रहने देना भी ठीक नहीं है।
सूटकेस के पहियों को सुरक्षित रखने का बेहतर तरीका
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि टेप पर निर्भर रहने की बजाय नियमित देखभाल ज्यादा कारगर है। यात्रा से पहले और बाद में पहियों को साफ करें। एक्सल में फंसे बाल, धागे या छोटे कंकड़ निकाल दें। यह भी जांच लें कि हर पहिया बिना आवाज और रुकावट के घूम रहा है या नहीं।
अगर सामान को लंबे समय तक स्टोर करना है, तो टेप की बजाय पहियों के लिए बने विशेष व्हील कवर बेहतर विकल्प हैं। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाता है कि पहियों की मूवमेंट प्रभावित नहीं होती।
क्या यह ट्रैवल हैक अपनाना चाहिए?
अगर आप बेहद गंदे या धूल वाले रास्तों से गुजरने वाले हैं, तो टेप थोड़े समय के लिए मददगार हो सकता है। हालांकि इसे सूटकेस की सुरक्षा का स्थायी उपाय नहीं माना जाना चाहिए। यात्रा के बाद पहियों की सफाई और नियमित रखरखाव ही उन्हें लंबे समय तक सही हालत में रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।
