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FIFA World Cup: अमेरिका में 1994 फीफा विश्व कप और 2026 में होने वाले विश्व कप की तुलना में क्या-क्या बदला

अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक फीफा विश्व कप खेला जाएगा। साल 1994 में पहली बार अमेरिका की मेजबानी में फीफा विश्व कप खेला गया। तब से लेकर अब तक क्या-क्या बदला, इस एक नजर डालते हैं।

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फीफा वर्ल्ड कप 2026।

न्यूयॉर्क। अमेरिका में 1994 में खेले गए पहले फीफा विश्व कप और 2026 में अमेरिका, मेक्सिको तथा कनाडा की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप के बीच कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलने वाला यह टूर्नामेंट आकार, टिकट कीमतों और सुविधाओं के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा विश्व कप होगा।

टीमों की संख्या बढ़ी

1994: विश्व कप 24 टीमों वाला आखिरी टूर्नामेंट था। इसके बाद 1998 में टीमों की संख्या 32 हुई।

2026: पहली बार 48 टीमें हिस्सा लेंगी। नए प्रारूप के कारण चैंपियन बनने वाली टीम को अब सात की जगह आठ मैच खेलने होंगे।

मैदानों का आकार

1994: उस समय फीफा मैदान की लंबाई 105 मीटर और चौड़ाई 68 मीटर तय की थी, लेकिन स्टेडियमों को निर्धारित माप से छोटे मैदान रखने की छूट थी।

2026: सभी स्टेडियमों को फीफा के तय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है।

दर्शकों की संख्या

1994: विश्व कप में 52 मैचों में कुल 35.9 लाख दर्शक पहुंचे थे, जो उस समय रिकॉर्ड था।

2026: मैचों की संख्या बढ़ने के कारण 60 से 70 लाख दर्शकों के आने की संभावना जताई जा रही है।

टिकट हुए कई गुना महंगे

1994: पहले दौर के मैचों के टिकट 25 से 75 डॉलर तक मिल जाते थे, जबकि फाइनल के टिकट 180 से 475 डॉलर के बीच थे।

2026: पहले दौर के टिकट 140 डॉलर से शुरू होकर 2,735 डॉलर तक पहुंच रहे हैं। फाइनल के टिकट 4,185 डॉलर से लेकर 8,680 डॉलर तक बेचे गए, जबकि बाद में उनकी अधिकतम कीमत बढ़ाकर 10,990 डॉलर कर दी गई। इस बार टिकटों की कीमत मांग के अनुसार बदलने वाली ’डायनेमिक प्राइसिंग’ प्रणाली भी लागू की गई है।

भौगोलिक दायरा

1994: पूरा टूर्नामेंट अमेरिका के नौ स्टेडियमों में खेला गया था।

2026: तीन देशों में फैला होगा आयोजन। 16 स्टेडियमों का उपयोग होगा, जिनमें 11 अमेरिका, तीन मेक्सिको और दो कनाडा में हैं। क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक के सभी मुकाबले अमेरिका में होंगे।

वाटर ब्रेक (पानी पीने के लिए समय)

1994: गर्म और उमस भरे मौसम के बावजूद मैच बिना किसी विशेष पानी के विराम के खेले जाते थे।

2026: प्रत्येक हाफ में तीन मिनट का वॉटर ब्रेक होगा। कोच इस समय का उपयोग खिलाड़ियों को रणनीति समझाने के लिए भी कर सकेंगे।

सब्सीट्यूट खिलाड़ी

1994: एक टीम अधिकतम दो खिलाड़ियों को बदल सकती थी, जबकि विशेष परिस्थितियों में गोलकीपर के लिए अतिरिक्त बदलाव की अनुमति थी।

2026: प्रत्येक टीम पांच खिलाड़ियों को बदल सकेगी। अतिरिक्त समय में छठा बदलाव और सिर में चोट (कंकशन) की स्थिति में अलग से बदलाव की सुविधा भी रहेगी।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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