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कैब ने भ्रष्टाचार के आरोपों का दिया कड़ा जवाब, गांगुली और अभिषेक के बीच खुलकर सामने आया मनमुटाव

बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक डालमिया और सौरव गांगुली के नेतृत्व वाले मौजूदा प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव बुधवार को खुलकर सामने आ गया। कैब ने भ्रष्टाचार के आरोपों का भी करारा जवाब दिया है।

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सौरव गांगुली और अभिषेक डालमिडा

Photo : ANI

कोलकाता: बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक डालमिया और सौरव गांगुली के नेतृत्व वाले मौजूदा प्रशासन के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राज्य की क्रिकेट संस्था के शीर्ष अधिकारियों ने अपनी सालाना आम बैठक (एजीएम) से ठीक तीन महीने पहले भ्रष्टाचार और कामकाज में खामियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया।

अभिषेक की शिकायत के बाद कैब ने लिखा पत्र

पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री डॉ. इंद्रनील खान को लिखे तीन पन्नों के पत्र में कैब ने भ्रष्टाचार, पारदर्शिता की कमी और ’व्यवस्था में गड़बड़ी’ के बारे में जताई गई ’सामान्य आशंकाओं’ को खारिज कर दिया। अभिषेक ने गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए राज्य सरकार की ’स्पोर्ट्स इंटीग्रिटी एंड एंटी-करप्शन हेल्पलाइन’ से संपर्क किया था जिसके चार दिन बाद यह पत्र लिखा गया।

कैब ने किया अपने कामकाज के तरीके का बचाव

गांगुली, सचिव बबलू कोले और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर वाले कैब के पत्र में संस्था के कामकाज के तरीके का बचाव किया गया और मौजूदा संस्थागत तरीकों को अपनाने के बजाय मामले को सार्वजनिक करने के अभिषेक के फैसले पर सवाल उठाए गए। पत्र में गांगुली के प्रशासनिक और क्रिकेट से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र किया गया। इसमें बताया गया कि उन्होंने भारत के कप्तान, कैब अध्यक्ष, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और आईसीसी क्रिकेट समिति के अध्यक्ष के तौर पर काम किया है और फिर भी ’उनकी ईमानदारी पर कभी कोई आरोप नहीं लगा।’

अभिषेक को बतौर सचिव है सारी जानकारी

कैब ने तर्क दिया कि अभिषेक को सचिव और अध्यक्ष के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी थी फिर भी उन्होंने इसे ’नजरअंदाज’ किया। यह घटनाक्रम इसलिए अहम है क्योंकि यह सितंबर में होने वाली एजीएम से पहले हुआ है। उम्मीद थी कि अभिषेक पिछले साल की एजीएम में गांगुली गुट को चुनौती देंगे लेकिन आखिरी समय में वे पीछे हट गए। इससे विरोधी गुटों के बीच सुलह के बाद स्नेहाशीष गांगुली के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया था।

सही नहीं हैं चिंताएं

अभिषेक की चिंताओं का जवाब देते हुए कैब ने कहा कि भ्रष्टाचार और कामकाज में खामियों के आरोप संस्था की असलियत को नहीं दर्शाते। पत्र में कहा गया कि ’भ्रष्टाचार, व्यवस्था में गड़बड़ी, चयन में ईमानदारी’ और पारदर्शिता की कमी के बारे में जताई गई आशंकाएं कैब के कामकाज को सही ढंग से नहीं दर्शाती हैं।

क्या एक खास कार्यकाल के दौरान सबकुछ था ठीक?

संस्था ने कहा कि पिछले तीन दशकों में बीएन दत्त, जगमोहन डालमिया, सौरव गांगुली और खुद अभिषेक डालमिया के समय में ’इस संस्था पर कभी भी व्यवस्था में गड़बड़ी के ऐसे आरोप नहीं लगे थे।' पत्र में कहा गया, 'इसलिए यह हैरानी की बात है कि हालिया बातचीत से ऐसा लगता है कि सिर्फ उनके कार्यकाल को छोड़कर बाकी सभी प्रशासकों के दौरान गड़बड़ियां रही हैं। यह कहना कि सब कुछ सिर्फ एक खास कार्यकाल के दौरान ठीक से चल रहा था और बाकी सभी के दौरान उसमें कमियां थीं, सही नहीं है।'

किसी पूर्व अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ नहीं हुई ऐसी शिकायत

संघ ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा,'गलतियों को आम बात बताना या अधिकतर लोगों के बारे में मनगढ़ंत बातें करना तथ्यों को पूरी तरह गलत तरीके से पेश करना है और यह उनकी सच्ची कोशिशों और इरादों का अपमान है। कैब के किसी भी पूर्व अध्यक्ष या सचिव ने कभी भी इस तरह का कोई सार्वजनिक पत्र जारी नहीं किया है और संघ के सभी लोगों के लिए यह बहुत हैरानी की बात है।'

लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुरूप काम कर रहा है लोकपाल

कैब के बचाव का एक मुख्य बिंदु उच्चतम न्यायालय से मंजूर लोढ़ा सुधारों के तहत एक स्वतंत्र लोकपाल और नैतिक अधिकारी की व्यवस्था का होना था। संघ ने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य कैब के लोकपाल और नैतिक अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं और सभी हितधारक सबूतों के साथ उनके पास शिकायतें लेकर जा सकते हैं।

(भाषा इनपुट के साथ)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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