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इंग्लैंड में ड्यूक्स बॉल की कमी, ईरान युद्ध के चलते नहीं हो पा रही सप्लाई

Dukes ball shortage in England: ईरान के साथ चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के चलते खाड़ी देशों के प्रमुख मार्गों को बाधित कर दिया है। इसके चलते इंग्लैंड में ड्यूक्स बॉल की समस्या आन खड़ी हुई है। खबरों के अनुसार, एयरलाइंस से माल ढुलाई शुल्क तीन गुना बढ़ा दिया गया है। साथ ही समुद्री मार्ग पर बढ़े मिसाइल हमलों के चलते आपूर्ति पर सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में इंग्लैंड के पास क्रिकेट के नए सीजन से पहले सामान्य बॉल स्टॉक का लभगभ आधा ही उपलब्ध है।

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इंग्लैंड में ड्यूक्स बॉल की कमी।

England suffers Dukes ball shortage: इंग्लैंड में क्रिकेट सीजन 3 अप्रैल से शुरू होने वाला है। हालांकि, उससे पहले ही वहां, ड्यूक्स बॉल की कमी की समस्या आ खड़ी हुई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच गेंदों की सप्लाई पर असर पड़ा है। इग्लैंड में घरेलू टेस्ट मैच और काउंटी चैम्पियनशिप में इस्तेमाल होने वाली ड्यूक्स गेंदों की आपूर्ति बाधित हुई है। सीजन के इस चरण में सामान्य स्टॉक का लगभग आधा ही उपलब्ध है।

ब्रिटिश क्रिकेट बॉल्स लिमिटेड के मालिक दिलीप जाजोडिया (Dukes Ball के निर्माता) ने स्थिति पर खुलकर बात करते हुए खाड़ी देशों में छिड़े युद्ध को गेंद की कमी की समस्या का मुख्य कारण बताया है। उन्होंने कहा कि काउंटी टीमों को पहले ही कम आपूर्ति के साथ काम चलाने के लिए कहा जा चुका है, जबकि शिपिंग में देरी और माल ढुलाई में हुई रुकावट ने नए सीजन से पहले की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

मिडिल ईस्ट युद्ध से गंभीर संकट

डेलीमेल से बात करते हुए जाजोडिया ने कहा, 'इस मिडिल ईस्ट युद्ध की वजह से हम इस समय एक गंभीर संकट में हैं। हमें सीजन की शुरुआत में क्लबों को उनकी गेंदों का 50 प्रतिशत देकर राशनिंग करनी होगी और फिर समस्या का समाधान करना होगा। उपमहाद्वीप में कारखानों में हमारे पास पर्याप्त मात्रा में माल तैयार है, लेकिन एयरलाइंस माल ढुलाई नहीं कर रही हैं, क्योंकि भारी भीड़ है।'

माल ढुलाई की बढ़ गई कीमत

उन्होंने आगे कहा, कीमतें भी बढ़ गई हैं। आमतौर पर एयरलाइंस 120 क्रिकेट गेंदों के एक बॉक्स के लिए लगभग 5 डॉलर प्रति किलो का शुल्क लेती हैं। मुझे जो आखिरी कीमत मिली वह 15 डॉलर प्रति किलो थी। ज्यादातर सामान मध्य पूर्व से होकर जाता है, लेकिन अगर अचानक रॉकेट उड़ने लगें, तो एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।

'डोनाल्ड ट्रंप से कर लेता बात'

जाजोडिया ने युद्ध पर चुटकी लेते हुए कहा, काश मुझे पहले से पता होता कि ऐसा होने वाला है तो मैं डोनाल्ड ट्रंप से बात कर लेता। कृपया क्रिकेट सीजन शुरू होने से पहले किसी पर हमला न करें!

युद्ध सब के लिए चेतावनी

जाजोडिया ने परिवहन लागत में भारी बढ़ोतरी के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा स्थिति के कारण माल ढुलाई मुश्किल और महंगी हो गई है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व से होकर गुजरने वाले मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा संबंधी चिंताओं और व्यवधानों के कारण माल ढुलाई शुल्क में काफी वृद्धि हुई है, जिससे आपूर्ति पर पहले से और भी दबाव बढ़ गया है। ईसीबी के एक अधिकारी ने डेलीमेल से बातचीत में स्वीकार किया कि यह सबके लिए एक तरह से चेतावनी साबित हुई है।

ऐसे बनती है ड्यूक्स बॉल

ड्यूक्स बॉल बनाना एक लंबी और कई चरणों वाली प्रक्रिया है। यह किसी साधारण फैक्ट्री में नहीं बनती है। चमड़े को पहले चेस्टरफील्ड में संसाधित और टैन किया जाता है। फिर इसे दक्षिण एशिया भेजा जाता है, जहां कुशल कारीगर प्रत्येक बॉल को सावधानीपूर्वक हाथ से सिलते हैं। एक बार तैयार होने के बाद, बॉल को वापस यूके लाया जाता है, जहां उन्हें क्रिकेट यूज के लिए तैयार किया जाता। फिर घरेलू मैच में यूज के लिए वितरित किया जाता है।

Umesh Kumar
उमेश कुमारauthor

उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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