Sunset Today timing 16 May 2026: हिंदू धर्म में अमावस्या का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अमावस्या पर लोग पितरों की शांति, शनि दोष से राहत और सुख-समृद्धि के लिए पूजा-पाठ करते हैं। आज 16 अप्रैल 2026 को भी लोग यही जानना चाहते हैं कि सूर्यास्त कितने बजे होगा और शाम की पूजा का सही समय क्या रहेगा। दिनभर की भागदौड़ के बाद संध्या का समय एक ऐसा पल होता है, जब लोग थोड़ी देर रुककर सुकून से भगवान का नाम लेते हैं। आइए आसान और साफ तरीके से जानते हैं आज का पूरा टाइम।
आज कब होगा सूर्यास्त
16 मई 2026 को ज्यादातर शहरों में सूर्यास्त शाम करीब 6:50 बजे से 7:10 बजे के बीच होने की संभावना है। अलग-अलग शहरों के हिसाब से समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है। सूर्यास्त के समय दीपक जलाकर भगवान शनि और पितरों का ध्यान करना शुभ माना जाता है।
| शहर | आज सूर्यास्त का समय (लगभग) |
|---|---|
| दिल्ली (NCR) | 7:07 PM |
| मुंबई | 7:06 PM |
| कोलकाता | 5:14 PM |
| चेन्नई | 6:32 PM |
| बेंगलुरु | 6:48 PM |
| हैदराबाद | 6:47 PM |
| अहमदाबाद | 7:14 PM |
| जयपुर | 7:08 PM |
| लखनऊ | 6:48 PM |
| पटना | 6:28 PM |
| भोपाल | 6:58 PM |
| चंडीगढ़ | 7:08 PM |
| पुणे | 6:58 PM |
| सूरत | 7:10 PM |
संध्या पूजन का सही समय
अमावस्या के दिन संध्या पूजन सूर्यास्त से लगभग 20 से 30 मिनट पहले शुरू करना अच्छा माना जाता है। इस दौरान घर के मंदिर में दीपक जलाएं और भगवान विष्णु, शिवजी और शनि देव की पूजा करें। अगर संभव हो तो पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है। कई लोग इस दिन नदी या तालाब के किनारे दीपदान भी करते हैं।
शाम को शनि पूजा का शुभ समय
शनिवार और अमावस्या एक साथ होने की वजह से यह दिन शनि पूजा के लिए बेहद खास माना जा रहा है। शाम करीब 6 बजे से 8 बजे के बीच का समय शनि पूजा के लिए शुभ माना जा सकता है। इस दौरान शनि देव को सरसों का तेल, काले तिल, उड़द की दाल और नीले फूल अर्पित किए जाते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से पूजा करने पर शनि दोष कम होता है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं।
अमावस्या पर क्या करें?
अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को दान करना बहुत शुभ माना जाता है। काले कपड़े, तिल, तेल और भोजन का दान करने से पुण्य मिलता है। इसके अलावा इस दिन सुबह स्नान करके पितरों को जल अर्पित करना भी अच्छा माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत रखकर भगवान की पूजा करते हैं।
क्या नहीं करना चाहिए?
अमावस्या के दिन लड़ाई-झगड़ा, नकारात्मक बातें और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर में शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखना शुभ माना जाता है।
क्यों खास मानी जाती है यह अमावस्या?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ और दान करने से शनि देव की कृपा मिलती है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान रहते हैं, वे इस दिन विशेष पूजा करते हैं। यह दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिक शांति के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
