Stock Market Today Sensex Nifty : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 19 अगस्त को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। बाजार खुलते ही Nifty जहां करीब 90 अंक फिसलकर 24065 पर आ गया। वहीं, Sensex 264 अंक टूटकर 76,971.59 तक आ गया है। इससे पहले मंगलवार को Nifty लगातार छठे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 24,154.90 पर बंद हुआ था। ऐसे में बुधवार की शुरुआत ने बाजार पर बने दबाव को और बढ़ा दिया है।
क्यों गिर रहा है बाजार?
बाजार की सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की कीमतों को लेकर है। Brent Crude 91.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है, जबकि Crude Oil 85.66 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। तेल की ऊंची कीमतों से भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता पैदा होती है। बुधवार के बाजार आउटलुक में भी ऊंचे क्रूड और भू-राजनीतिक तनाव को प्रमुख जोखिम बताया गया है।
ग्लोबल बाजारों का भी दबाव
भारतीय बाजार आज ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट को फॉलो करता दिख रहा है। मंगलवार को अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही। S&P 500 0.69% और Nasdaq 1.33% नीचे बंद हुआ। AI और semiconductor शेयरों में बिकवाली ने अमेरिकी टेक बाजार पर दबाव बढ़ाया। AP की रिपोर्ट के मुताबिक Nvidia, Micron और Broadcom जैसे शेयरों में कमजोरी से प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स प्रभावित हुए। वहीं, एशियाई बाजारों में भी बुधवार को व्यापक कमजोरी दिखी। Nikkei 225 करीब 2.61%, Taiwan Weighted 1.20%, Shanghai Composite 1.96% और KOSPI 5.89% तक गिरा। इस कमजोर ग्लोबल सेंटीमेंट का असर भारतीय शेयरों पर भी पड़ा है।
बॉन्ड यील्ड और FPI चिंता
वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी भी इक्विटी के लिए नकारात्मक संकेत है। ऊंची यील्ड से निवेशकों के लिए सुरक्षित एसेट आकर्षक होते हैं और उभरते बाजारों में विदेशी पूंजी पर दबाव बढ़ सकता है। Reuters के मुताबिक 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से करीब 25 अरब डॉलर निकाले हैं, हालांकि मंगलवार को उन्होंने 16.52 अरब रुपये की खरीद की थी।
सेक्टरों में क्या हो रहा है?
सुबह के कारोबार में Realty सबसे ज्यादा दबाव में रहा और Nifty Realty करीब 0.96% गिरा। Chemicals 1%, Metal 0.83%, Consumer Durables 0.70% और Financial Services 0.64% नीचे थे। Nifty Bank भी 0.44% कमजोर था। दूसरी तरफ IT इंडेक्स 0.96% चढ़ा, जबकि FMCG 0.07% और Oil & Gas 0.03% ऊपर रहा। कुल मिलाकर, ऊंचा क्रूड, Middle East तनाव, कमजोर ग्लोबल बाजार और बॉन्ड यील्ड में तेजी ने भारतीय बाजार की शुरुआत को कमजोर रखा है। अब निवेशकों की नजर आगे के कारोबार में 24,000 के स्तर पर रहेगी, जबकि वैश्विक संकेत और तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
