MCA course: एमसीए कोर्स है शानदार, डिग्री लेने के बाद छात्रों को कंपनियों में मिलता है मुंहमांगा पैकेज

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 26, 2022, 02:25 PM IST

MCA course: टक्‍नोलॉजी के इस दौर में एमसीए करने वाले युवाओं की बहुत डिमांड है। ये युवा कोर्स के बाद किसी भी सेक्‍टर में अपना करियर बना सकते हैं। किसी अच्‍छे कॉलेज से एमसीए करने के बाद आसानी से प्रति माह लाखों का पैकेज हासिल किया जा सकता है...

MCA course: एमसीए कोर्स है शानदार, डिग्री लेने के बाद छात्रों को कंपनियों में मिलता है मुंहमांगा पैकेज
Photo Credit: Representative Image

MCA Course: आज के समय में सबसे तेज विकास टेक्नोलॉजी का फील्‍डकर रहा है। इसने वो सभी चीजें सक्षम बना दिया है, जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। इस वजह से से ही ही युवा आज के समय में टेक्‍नोलॉजी के फील्‍ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं । खास कर कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में। यहां पर मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन(एमसीए) कोर्स करने के बाद करियर बनाने के शानदार अवसर मिलते हैं। इस कोर्स में छात्रों को कंप्‍यूटर इंजीनियरिंग से जुड़े सब्जेक्ट पढ़ाये जाते हैं। जैसे कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग आदि। इस कोर्स को पूरा करने के बाद में कंप्यूटर साइंस और आईटी के सेक्टर में जॉब कर सकते हैं। यहां हम इस कोर्स और इसके बाद करियर ऑप्‍शन की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

एमसीए कोर्स व योग्‍यता

एमसीए एक ग्रेजुएशन लेवल का मास्टर डिग्री प्रोग्राम होता है। जिसके करने के लिए 55 फीसदी अंकों और पीसीएस सब्‍जेक्‍ट के साथ 12वीं पास करना अनिर्वाय है। इस कोर्स में एडमिशन डायरेक्ट मेरिट के आधार पर और एंट्रेंस एग्जाम दोनों तरीके से होता है। सरकारी कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए संबंधित एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ेगा। वहीं कई प्राइवेट इंस्टीट्यूट भी एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर ही एडमिशन लेते हैं। सरकारी

जरूरी स्किल्‍स

यह कोर्स करने के बाद अगर अच्छा प्रोग्रामर बनना है तो कई स्किल्‍स का होना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज जैसे कि नेट, जावा, सी़ प्‍लस प्‍लस और एसीपी के साथ ही वेब डिजाइनिंग की अच्छी जानकारी भी होनी जरूरी है। वहीं नेटवर्किंग फील्ड के लिए एसक्यूएल की बेसिक जानकारी होनी चाहिए। साथ ही गुड कामण्ड ऑन इंग्लिश, स्ट्रांग टेक्निकल स्किल्स, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज, स्ट्रांग कम्युनिकेशन स्किल, डेटा स्ट्रक्चर का नॉलेज का होना भी जरूरी है।

जॉब प्रोफाइल व करियर स्‍कोप

इस फील्‍ड में युवाओं के लिए कई करियर ऑप्‍शन हैं। आज के समय में कोई सेक्टर ही नही बचा जहां पर कंप्यूटर का इस्तेमाल न होता हो। कोर्स के बाद कैंडिडेट कंप्यूटर इंजीनियरिंग या सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के फील्ड के साथ वेब डेवलपिंग के फील्ड में जॉब हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा हार्डवेयर इंजीनियर, क्लाउड अर्कटियेक्ट, डेटा साइंटिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट, टेक्निकल राइटर, कंप्यूटर टीचर, साइबर सिक्योरिटी एंड एथिकल हैकिंग, असिस्टेंट प्रोफेसर, कंप्यूटर आपरेटर आदि प्रोफाइल पर भी जॉब हासिल किया जा सकता है।

सैलरी

इस फील्ड में काफी अच्‍छी सैल मिलती है। हालांकि कोर्स पूरा करने के बाद सैलरी इस बात पर डिपेंड करती है कि आपने किस कॉलेज से कोर्स किया है। एक नॉर्मल कॉलेज से कोर्स के बाद स्टार्टिंग सैलरी 40 से 50 हजार रूपये प्रतिमाह मिल सकती है। वहीं अच्‍छे कॉलेज से कोर्स के बाद पहली सैलरी ही लाखों रूपये में होती है। यहां पर अनुभव के बाद आसानी से 10 से 20 लाख तक का पैकेज पा जाते हैं।

End of Article