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फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर Gen Alpha: भारी बवाल के बाद लाठीचार्ज, सैकड़ों छात्र पुलिस हिरासत में

फ्रांस में बेहतर शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर 'Gen Alpha' छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी है। सड़कों पर आगजनी और हिंसक झड़पों के बाद 400 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए।

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फ्रांस में सड़कों पर उतरा Gen Alpha

फ्रांस में बेहतर शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की कमी और स्कूलों के समय को लेकर छात्रों का असंतोष अब सड़कों पर उग्र प्रदर्शन का रूप ले चुका है। Gen Alpha के स्कूली छात्रों द्वारा शुरू किया गया यह आंदोलन अब देशव्यापी संकट बनता जा रहा है। फ्रांस के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पुलिस के साथ तीखी झड़पें हुई हैं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।

कूड़ेदानों में लगाई आग, पुलिस पर पथराव

आंदोलन के दौरान कई इलाकों में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित छात्रों ने सड़कों पर रखे कूड़ेदानों में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पत्थर, बोतलें तथा अन्य वस्तुएं फेंकी। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। देश भर में स्कूलों की नाकेबंदी और हिंसक झड़पों के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से अधिकतर नाबालिग छात्र हैं।

'लिसे' के 15 से 18 साल के छात्र संभाल रहे कमान

इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से फ्रांस के 'लिसे' (Lycée - माध्यमिक शिक्षा के अंतिम चरण के स्कूल) में पढ़ने वाले 15 से 18 वर्ष की आयु के छात्र शामिल हैं। छात्रों के अचानक इस तरह संगठित होकर सड़कों पर उतरने से सरकार और प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से देशभर के सैकड़ों स्कूलों के बाहर नाकेबंदी जारी है।

छात्रों की प्रमुख मांगें और शिकायतें

आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य शिकायतें बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे से जुड़ी हैं:

  • कक्षाओं में योग्य शिक्षकों का न होना।
  • एक-एक कक्षा में छात्रों की अत्यधिक संख्या।
  • पढ़ाई के घंटों और समय-सारणी को लेकर असंतोष।
  • अत्यधिक गर्मी के दौरान क्लासरूम का गर्म होना और वेंटिलेशन की कमी।

राजधानी पेरिस से शुरू होकर देश भर में फैला आंदोलन

इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पेरिस के आसपास स्थित इले-डी-फ्रांस (Île-de-France) क्षेत्र से हुई थी। लेकिन देखते ही देखते यह चिंगारी फ्रांस के अन्य प्रमुख शहरों तक पहुंच गई।

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल 3,700 माध्यमिक स्कूलों में से करीब 400 स्कूल इस विरोध प्रदर्शन से सीधे प्रभावित हुए हैं। करीब 40 स्कूलों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी गई, जबकि 44 अन्य स्कूलों में पढ़ाई ठप करने की कोशिश की गई। प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और स्कूल स्टाफ सहित कम से कम 10 लोग घायल हुए हैं।

गृह मंत्री का बयान: 440 लोग हिरासत में

मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने मीडिया (BFMTV) से बातचीत में बताया, "देशभर में अब तक करीब 440 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं, लेकिन प्राथमिक जानकारी के मुताबिक इनमें से करीब दो-तिहाई लोगों को पुलिस हिरासत में रखा गया है।"

फ़्रांस सरकार अब छात्रों और शिक्षा संगठनों के साथ बातचीत कर स्थिति को शांत करने के प्रयास में जुटी है, लेकिन छात्रों का रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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