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बाइकरों का 'सीटबेल्ट' और कार का 'हेलमेट' न पहनने पर काट दिया चालान, ट्रैफिक पुलिस का कारनामा

CAG की यह ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा में पेश होने के बाद सुर्खियों में आ गई है, जिसने परिवहन विभाग के ऑटोमेटेड सिस्टम और अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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ओडिशा में अजब-गजब ट्रैफिक चालान (एआई फोटो)

ओडिशा में यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा ई-चालान जारी करने में एक बड़ी गड़बड़ी और लापरवाही सामने आई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में दोपहिया वाहन चालकों का 'सीटबेल्ट न लगाने' और कार/तीन पहिया चालकों का हेलमेट न पहनने के जुर्म में ई-चालान काट दिया गया। CAG की यह ऑडिट रिपोर्ट विधानसभा में पेश होने के बाद सुर्खियों में आ गई है, जिसने परिवहन विभाग के ऑटोमेटेड सिस्टम और अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। CAG ऑडिट में ई-चालान डेटा का विश्लेषण करने पर कई चौंकाने वाली विसंगतियां सामने आईं।

बाइक चालकों पर सीटबेल्ट का चालान

राज्य में 2,988 दोपहिया वाहनों (स्कूटर/बाइक) का चालान धारा 194B (सीटबेल्ट न पहनने) के तहत काटा गया। 4,786 तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों (कार/ऑटो) का चालान धारा 194D (हेलमेट न लगाने) के तहत काटा गया। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि 29,154 मामलों में जिस श्रेणी के वाहन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की अर्जी दी गई थी, ड्राइविंग टेस्ट के दौरान इस्तेमाल किया गया वाहन उससे बिल्कुल अलग था।

कैसे हुआ यह कारनामा?

यातायात नियमों के अनुसार, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट न पहनने पर ₹1,000 और चार-पहिया वाहनों में सीटबेल्ट न लगाने पर ₹1,000 का जुर्माना तय है। लेकिन ई-चालान जारी करते समय अधिकारियों ने बिना जांचे-परखे या तो गलत धाराओं का चयन किया या फिर वाहन का प्रकार ही गलत दर्ज कर दिया। कई आम वाहन चालकों को जब उनके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए ऐसे अजीबोगरीब चालान मिले, तो वे हैरान रह गए कि जिस बाइक में सीटबेल्ट होती ही नहीं, उस पर चालान कैसे कट गया।

CAG की सिफारिश और आगे की कार्रवाई

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने इस गंभीर खामी पर कड़ा रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार और परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। गलत धाराओं के तहत गलत ई-चालान जारी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। ई-चालान पोर्टल और ऑटोमेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की कमियों को दूर किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की हास्यास्पद और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को रोका जा सके। यह मामला अब राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सोशल मीडिया पर ट्रैफिक विभाग के इस ई-चालान सिस्टम का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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