दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है जो अभी निर्माणाधीन है। 1386 लंबे इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से दिल्ली और मुंबई के बीच की दूरी 180 किमी तक कम हो जाएगी और सफर का समय भी 24 घंटे से कम होकर 12 घंटे रह जाएगा।
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा समय कम करना और अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा देना था। लेकिन इसके निर्माण में हो रही लगातार देरी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से आम जनता के लिए खोल दिए गए हैं। अब इन चालू हिस्सों का इस्तेमाल शराब तस्करी के लिए किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार और अंतरराज्यीय चेक पोस्ट की कमी के कारण तस्कर इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करते हैं।
बूटलेगर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को गुजरात में अवैध शराब पहुंचाने का आसान और तेज रास्ता मानते हैं। दिल्ली से मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों तक का चालू रूट अभी नामांकित नहीं है, जिससे पहचान से बचना आसान हो जाता है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गाड़ियां बिना ज्यादा रोक-टोक के लंबी दूरी तय कर लेती हैं। तस्कर गुजरात में दाहोद के रास्ते प्रवेश करते हैं और फिर मध्य प्रदेश से होकर निकलते हैं, ताकि पारंपरिक चेक पोस्ट से बच सकें।
सितंबर से नवंबर 2025 के बीच दाहोद पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से शराब ले जा रहे 16 वाहनों को जब्त किया है। इस दौरान 7000 से अधिक कार्टन (करीब 10 करोड़ रुपये) की शराब और हाल ही में 14 लाख रुपये के ड्रग्स जब्त किए गए हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से गुजरात में लगातार शराब की तस्करी की जा रही है। बता दें कि गुजरात में शराबबंदी लागू है, यही कारण है कि आसपास के राज्यों से बड़ी मात्रा में गुजरात में शराब तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती हैं।