पेंगुइन जमीन पर चलने के लिए नहीं, बल्कि पानी में तेजी से तैरने के लिए ज्यादा जाने जाते हैं। चूंकि अधिकतर समय यह पानी के अंदर रहने वाले जीवों को ही खाकर अपने खाने की पूर्ति करता है इसलिए पानी में तैरना इसके लिए स्वभाविक है। इसके शरीर की बनावट ही ऐसी है कि इसे पानी में आसानी से आगे बढ़ने में मदद मिलती है। इसी वजह से यह समुद्र में काफी तेज रफ्तार पकड़ सकता है।
पेंगुइन की अलग-अलग प्रजातियों की तैरने की रफ्तार अलग होती है। आमतौर पर कई पेंगुइन पानी में करीब 6 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं। कुछ प्रजातियां इससे भी ज्यादा तेज तैर सकती हैं। वैसे तो पानी में शिकार का पीछा करते वक्त या फिर शिकारियों से बचने के लिए ये आपको काफी तेज तैरते दिख जाएंगे।
उदाहरण के लिए, जेंटू पेंगुइन नामक प्रजाति को दुनिया के सबसे तेज तैरने वाले पेंगुइनों में गिना जाता है। यह पानी में करीब 36 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तैर सकता है। इतनी रफ्तार पर तैरते हुए इसे देखना किसी छोटे रॉकेट को पानी में दौड़ते देखने जैसा लगता है।
पेंगुइन की सबसे मजेदार बात यही है कि जमीन पर इसकी चाल देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि पानी में यह कितना तेज हो सकता है। जमीन पर यह अपने छोटे-छोटे कदमों और शरीर को हिलाते हुए आगे बढ़ता है। कई बार यह पेट के बल बर्फ पर फिसलते हुए भी आगे जाता है लेकिन जैसे ही यह पानी में उतरता है, इसका पूरा शरीर तेजी से काम करने लगता है। इसके पंख पानी के अंदर फ्लिपर की तरह काम करते हैं। पेंगुइन इन्हीं की मदद से पानी को पीछे धकेलता है और खुद तेजी से आगे बढ़ता है।
पेंगुइन के लिए तेज तैरना सिर्फ दिखावे की बात नहीं है। उसकी जिंदगी में इसकी बड़ी भूमिका है। पेंगुइन को अपना खाना समुद्र से ही मिलता है। उसे छोटी मछलियों और दूसरे समुद्री जीवों का शिकार करना पड़ता है। शिकार करते समय तेज रफ्तार उसके काफी काम आती है। अगर कोई मछली तेजी से भागती है, तो पेंगुइन भी अपनी स्पीड बढ़ाकर उसका पीछा कर सकता है। यही नहीं, पानी में तेज तैरने की क्षमता उसे कुछ खतरनाक शिकारी जानवरों से बचने में भी मदद कर सकती है।
पेंगुइन का शरीर पानी में तेजी से तैरने के लिए काफी खास होता है। इसका शरीर कुछ हद तक पानी को चीरते हुए आगे बढ़ने के लिए बना है। इसके पंख उड़ने वाले पक्षियों जैसे नहीं होते, बल्कि पानी में तैरने में मदद करते हैं। इसके अलावा, पेंगुइन अपने पैरों और पूंछ का इस्तेमाल दिशा बदलने और शरीर को संभालने के लिए करता है। तैरते समय यह अपने शरीर को इस तरह चलाता है कि पानी का विरोध कम हो और वह ज्यादा आसानी से आगे बढ़ सके।
पेंगुइन को अगर सिर्फ जमीन पर देखा जाए तो वह एक शांत और धीमा पक्षी लगता है लेकिन पानी में उतरते ही इसकी तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है। वहां यह बेहद फुर्तीला और तेज नजर आता है। यही वजह है कि पेंगुइन को देखकर एक बात साफ समझ आती है कि किसी जानवर की असली ताकत हमेशा जमीन पर दिखाई नहीं देती। जो पेंगुइन जमीन पर धीरे-धीरे चलता है, वही समुद्र में तेज रफ्तार से तैर सकता है।