देश के प्रमुख रियल एस्टेट मार्केट में घरों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है। रियल एस्टेट परामर्श कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच खरीदारों के सतर्क रुख के कारण देश के आठ प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री चालू कैलेंडर वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में छह प्रतिशत घटकर 91,729 इकाई रह गई। पिछले साल की इसी तिमाही में 97,674 मकानों की बिक्री हुई थी। वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का कहना है कि बढ़ती कीमत ने घर खरीदारों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। इससे भी घरों की मांग में कमी आई है।
इन बड़े रियल्टी मार्केट में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, पुणे, कोलकाता और अहमदाबाद में मकानों की बिक्री घटी। आंकड़ों के अनुसार, एमएमआर में मकानों की बिक्री अप्रैल-जून तिमाही में सात प्रतिशत घटकर 24,112 इकाई रह गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 25,939 इकाई थी। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री सात प्रतिशत घटकर 9,352 इकाई रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 10,051 इकाई थी।
पुणे में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 21 प्रतिशत घटकर 12,642 इकाई रह गई। पिछले साल अप्रैल-जून में यहां 15,962 इकाइयों की बिक्री हुई थी। बेंगलुरु में बिक्री नौ प्रतिशत घटकर 14,186 इकाई रही, जो पिछले साल 15,628 इकाई थी। अहमदाबाद में बिक्री 20 प्रतिशत घटकर 7,541 इकाई रह गई, जो एक साल पहले 9,451 इकाई थी। कोलकाता में भी बिक्री नौ प्रतिशत घटकर 3,517 इकाई रह गई, जो पिछले साल 3,847 इकाई थी।
चेन्नई और हैदराबाद में बिक्री बढ़ी
वहीं चेन्नई और हैदराबाद में बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई। परामर्श कंपनी ने बिक्री में गिरावट के लिए पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रोजगार पर कृत्रिम मेधा (एआई) के संभावित प्रभाव के बीच संभावित मकान खरीदारों के सतर्क रुख को जिम्मेदार ठहराया। प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रकाश तेजवानी ने कहा कि 2026 की दूसरी तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि भारत का आवासीय बाजार कमजोर नहीं हो रहा है, बल्कि परिपक्व हो रहा है।
