कोलकाता: ब्राजील के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) का दौरा किया। दल ने स्टेडियम और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर तीन अक्टूबर को भारत के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच की तैयारियों का जायजा लिया। ब्राजील फुटबॉल परिसंघ (सीबीएफ) के प्रतिनिधिमंडल ने स्टेडियम, ट्रेनिंग सुविधाओं, टीम के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और मैच से जुड़ी अन्य सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह देखना था कि कोलकाता ब्राजील की राष्ट्रीय टीम की मेजबानी के लिए कितना तैयार है।
ब्राजील के प्रतिनिधमंडल ने किया साल्ट लेक स्टेडियम का दौरा
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने एक बयान में कहा,'सीबीएफ के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार और शुक्रवार को कोलकाता का दौरा किया। उन्होंने तीन अक्टूबर को युवा भारती क्रीड़ांगन (सॉल्ट लेक स्टेडियम) में होने वाले मुकाबले की तैयारियों, बुनियादी ढांचे और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।'
ब्राजील के प्रतिनिधमंडल में थे ये सदस्य
ब्राजील के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई सर्जियो डिमास डी ओलिवेरा ने की जो पुरुष राष्ट्रीय टीम के ‘जनरल सुपरवाइजर’ हैं। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में विनीसियस बारोजो कोस्टा (प्रशासक), जोस विटोर सेनाटोरे डी पाउला लीमा (प्रबंधन और परिचालन मैनेजर), गिलहर्मे पासोस रामोस (फिजियो) और ब्रूनो माजेई रीस (सुरक्षा अधिकारी) शामिल थे। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के फुटबॉल निदेशक और भारत के पूर्व गोलकीपर सुब्रत पॉल भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद थे।
मैत्री मैच की भूटिया ने की है खुलकर आलोचना
भारत में ब्राजील के खिलाफ मैत्री मैच का विरोध हो रहा है। भारत ने इस मुकाबले के लिए आसियान कप से अपना नाम वापस ले लिया है। ऐसे में पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने एआईएफएफ की खुलकर आलोचना की है। उनका मामना था कि भारत को ब्राजील के खिलाफ मुकाबले के लिए ज्यादा खर्च नहीं करना चाहिए था और जब भारतीय फुटबॉल मुश्किल दौर से गुजर रहा है उसे संभालना चाहिए।
