लगातार खराब नतीजों के बाद हो रही आलोचनाओं और ’बाहरी शोर’ से बेपरवाह भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है कि उनका पूरा ध्यान भारत के लिए ट्रॉफियां जीतने पर है। गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारत को न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी टीम को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ करना उनके कार्यकाल में एक सकारात्मक पहलू रहा है। रविवार से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से एक दिन पहले गंभीर से जब उनकी आलोचनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ’’आलोचना? मेरा काम ट्रॉफियां जीतना है। मैं सिर्फ इसी में विश्वास करता हूं और इसी की परवाह करता हूं। यही मेरे और बाकी लोगों के बीच अंतर है। मुझे विचारों या ’लाइक्स’ की चिंता नहीं है।’’
सेलेक्टर से हुई बातचीत नहीं बता सकता
चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ अपनी बातचीत के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि चर्चा का केंद्र भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने और सही फैसले लेने पर रहता है। उन्होंने कहा, "काश मैं आपको मुख्य कोच और चयन समिति के अध्यक्ष के बीच हुई बातचीत के बारे में बता पाता। यह बातचीत सिर्फ इस बात पर केंद्रित होती है कि क्रिकेट में हम आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, क्या महत्वपूर्ण है और खेल की बेहतरी के लिए कौन से सही फैसले किए जाने चाहिए। इसलिए फिलहाल हमारी चर्चा पूरी तरह क्रिकेट और भविष्य में खेल को लेकर हमारी सोच तक सीमित है।"
इंजरी पर क्या बोले गंभीर
गंभीर ने यह स्वीकार किया कि खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के मुद्दे पर टीम प्रबंधन के शीर्ष स्तर पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा, "इस श्रृंखला में भी हम कई खिलाड़ियों की सेवाओं से वंचित रहे हैं। इस मामले पर कुछ चर्चा हुई है। यह सिर्फ बीसीसीआई की बात नहीं है, बल्कि समग्र रूप से हमारी कोशिश यही है कि हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी ज्यादा से ज्यादा क्रिकेट खेलें। इससे टीम में निरंतरता बनी रहेगी और हम अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को नियमित रूप से सही दिशा में आगे बढ़ा सकेंगे।"
भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पांचवें स्थान पर है। उससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश हैं। हालांकि, गंभीर ने रैंकिंग को ज्यादा महत्व देने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "रैंकिंग मायने नहीं रखती। हम संघर्ष नहीं कर रहे हैं। इंग्लैंड दौरे के बाद से हमने संतोषजनक टेस्ट क्रिकेट खेला है। मुझे लगता है कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि प्रेस बॉक्स और कमेंट्री बॉक्स में बैठे लोग भी जानते हैं कि हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। इस दौरान उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। लेकिन हमें यह पता है कि हमें किन क्षेत्रों में सही दिशा में आगे बढ़ना है।"
दूसरे टेस्ट के लिए भारत अपने सफल टीम संयोजन को बरकरार रखेगा या नहीं, इस पर गंभीर ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने हालांकि दबाव में चल रहे बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ’’हम ऐसी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी इकाई उतारने की कोशिश करेंगे, जो हमें 20 विकेट दिला सके।’’
गॉल टेस्ट में कुलदीप ने दोनों पारियों को मिलाकर 25 ओवर गेंदबाजी की थी। उन्हें कम ओवर दिए जाने के सवाल पर गंभीर ने कहा कि यह कप्तान शुभमन गिल का अधिकार है। उन्होंने कहा, "कुलदीप एक अच्छे गेंदबाज हैं और कभी-कभी यह कप्तान पर भी निर्भर करता है।" गंभीर ने कहा कि जब टीम पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरती है तो किसी एक गेंदबाज को अपेक्षाकृत कम गेंदबाजी मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि गेंदबाज अपना काम नहीं कर रहा था, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से किस गेंदबाज का सबसे प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, यह फैसला कप्तान और टीम प्रबंधन का होता है।
कुलदीप यादव का किया समर्थन
उन्होंने कुलदीप का समर्थन करते हुए कहा, "लंबे समय से हम देख रहे हैं कि कुलदीप सही दिशा में काम कर रहे हैं। हम जानते हैं कि अनुकूल परिस्थितियों में वह कितने सफल और प्रभावी साबित हो सकते हैं।" भारत के इस पूर्व सालमी बल्लेबाज ने संकेत दिया कि दूसरे टेस्ट में भी भारत पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों की रणनीति पर कायम रह सकता है। गंभीर ने कहा, "अगर विकेट बेहद सपाट है तो गेंदबाजों को कड़ी मेहनत करनी होगी, शायद उससे भी ज्यादा, क्योंकि जैसा मैंने कहा, आपको 20 विकेट लेने होंगे। अगर विकेट सपाट है तो हमारे पास आखिरकार एक ही समाधान है-पांच विशेषज्ञ गेंदबाज।"
उन्होंने बताया कि पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होने से कप्तान के लिए मैच के दौरान गेंदबाजों का बेहतर तरीके से रोटेशन करना आसान हो जाता है। गंभीर ने कहा, ’’जब आपके पास पांच विशेषज्ञ गेंदबाज होते हैं तो आप उनका बेहतर तरीके से इस्तेमाल और रोटेशन कर सकते हैं। हमने पिछले टेस्ट में भी यही देखा। भले ही कुलदीप ने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की, लेकिन हमारे पास पांच ऐसे विशेषज्ञ गेंदबाज थे, जो किसी भी समय विकेट दिला सकते थे।’’
गंभीर ने पहले टेस्ट में भारत की 165 रन की जीत के नायकों मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भी जमकर सराहना की। पडिक्क्ल ने मैच में 211 रन बनाए, जबकि सुथार ने गेंद से 10 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। गंभीर ने कहा, "क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। हमें अपने खिलाड़ियों का समर्थन करना चाहिए और उन्हें पर्याप्त मौके देने चाहिए। फैसला एक-दो मैचों के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए।’’
