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Kisan Diwas Speech in Hindi: किसान दिवस की इस स्पीच से जीत लेंगे आप सभी का दिल, ये खास बातें जरूर जोड़ें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 23, 2022, 06:18 AM IST

kisan diwas speech in hindi: देश में हर वर्ष 23 दिसंबर को धूमधाम से राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है। ये दिन किसान हितैषी और देश के 5वें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को समर्पित है और उनके जन्‍म दिवस के उपलक्ष्‍य पर मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने अपने कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के उत्थान में कई महत्वपूर्ण कार्य किए।

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किसान दिवस पर इस तरह दें शानदार भाषण, जीत लेंगे सभी का दिल

KEY HIGHLIGHTS
  • वर्ष 2001 से हर साल 23 दिसंबर को मनाया जाता है किसान दिवस
  • चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री, वित्‍त मंत्री और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री रहे
  • चौधरी चरण सिंह ने कृषि और किसानों के हित में कई सराहनीय कार्य किए

Kisan Diwas Speech in Hindi: भारत को कृषि प्रधान देश कहा जाता है। इस देश के अननदाताओं के याद में हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है। यह दिन किसान नेता व देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्‍मदिवस को समर्पित है। चौधरी चरण सिंह ने अपने कार्यकाल में कृषि क्षेत्र के उत्थान में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्‍होंने कई किसान-हितैषी नीतियों का मसौदा तैयार किया था। वे भले ही कुछ समय के लिए ही प्रधानमंत्री रहे, लेकिन उनका जीवन भारतीय किसानों के कल्याण के लिए समर्पित रहा। यही कारण है कि भारत सरकार ने वर्ष 2001 से चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। इस दिन स्‍कूल कॉलेजों में भाषण व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। अगर आप भी किसी भाषण प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं, तो यहां दिए गए शानदार भाषण से अपनी तैयारी पूरी कर सकते हैं।

किसान दिवस की भाषण

भारत को एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है, हमारी 75% जनता गांवों में रहती है। हमारी सम्पन्नता हमारे कृषि और किसानों पर निर्भर करती है। भारतीय किसान का सर्वत्र सम्मान होता है। ये दिन रात कड़ी मेहनत कर सम्पूर्ण भारतवासियों के लिए अन्न एवं सब्जियां उत्पन्न करता हैं। किसानों को कठिन परिश्रम के पश्चात भी बहुत कम लाभ होता है। हमारे दिवंगत राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था ‘जय किसान जय जवान’। उन्होंने कहा था कि कृषक राष्ट्र का अन्नदाता है, उसी पर कृषि उत्पादन निर्भर करता है। हालांकि किसानों को आज भी कई तरह के मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन्‍हें आधुनिकतम कृषि यंत्र एवं रसायनों के लिए जूझना पड़ेगा।

यही वजह है कि आए दिन किसानों को अपने हक के लिए आंदोलन और धरना प्रदर्शन करना पड़ता है। देश के पांचवें प्रधानमंत्री और किसान परिवार से आने वाले चौधरी चरण सिंह ने किसानों को उनका हक दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दी। उनका कहना था कि ‘सच्चा भारत अपने गांवों में बसता है।’। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में 23 दिसंबर 1902 को जन्मे चौधरी चरण सिंह ने अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान देश में किसानों के जीवन और स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए नीतियों का एक समूह पेश किया। किसानों को भारत के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी माना जाता है। देश में किसानों के महत्व और इनके आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए हर साल किसान दिवस मनाया जाता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता।

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