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Kisan Diwas Speech 2022: कितना जानते हैं आप किसान दिवस के बारे में, जानें बेसिक जानकारी

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Dec 23, 2022, 11:47 AM IST

Kisan Diwas Speech in Hindi 2022 (राष्ट्रीय किसान दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): 23 दिसंबर को हर साल राष्ट्रीय किसान दिवस (Kisan Diwas) मनाया जाता है। आप जानते हैं भारत देश एक किसान प्रधान देश है, जहां 70 प्रतिशत आबादी आज भी किसानी पर निर्भर है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण दिवस पर यदि आपको स्पीच देने या कुछ बोलने का मौका मिले, इन बातों को शामिल करना न भूलिएगा।

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राष्ट्रीय किसान दिवस 2022 पर भाषण

Photo : iStock

Kisan Diwas Speech in Hindi 2022 (राष्ट्रीय किसान दिवस पर भाषण हिंदी में 2022): किसान को आम इंसान नहीं कहा जा सकता है। ज्यादातर आदमी पेट भरने के लिए काम करते हैं, लेकिन किसान पेट भरने के साथ साथ पेट भराने का भी काम करता है। चाहे सर्दी की ठिठुरन हो या तपतमी धूप, हर मौसम में किसान खेती करता है। देखा जाए हम कहीं भी रहें हमें किसानों को धन्यवाद कहना चाहिए, क्योंकि उनके (Kisan Diwas 2022 In India) कर्तव्यों की वजह से देश के हर कोने में अनाज पहुंच पाता है ओर हम व हमारा परिवार तीन टाइम का खाना खा पाता है।

बता दें, (National Farmers Day or Kisan Diwas) यह विशेष दिन किसानों का मसीहा कहे जाने वाले देश के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है। उन्होंने किसानों के लिए बहुमूल्य योगदान दिया। इस दिन हमें किसानों की कड़ी मेहनत को भुलाना नहीं चाहिए, बल्कि अनाज को खराब होने से रोकना चाहिए और किसानों की सराहना चाहिए।

अगर राष्ट्रीय किसान दिवस के मौके पर आपको कुछ बोलने या स्पीच देने का मन करें, तो इन बातों को जरूर ध्यान में रखें।

इस दिन सबसे पहले बताएं राष्ट्रीय किसान दिवस क्यों मनाया जाता है।

राष्ट्रीय किसान दिवस को चौधरी चरण सिंह की याद में मनाया जाता है। कृषि समाज में उनके योगदान के लिए, सभी जिम्मेदार किसानों का सम्मान करने के लिए, किसानों की मेहनत की सराहना करने के लिए राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाना शुरू हुआ।

इसके बाद आप बताएं राष्ट्रीय किसान दिवस का इतिहास क्या है? या कैसे इस दिन की शुरुआत हुई

(National Farmers Day or Kisan Diwas) किसानों के मसीहा व देश के पांचवे प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने 28 जुलाई, 1979 से 14 जनवरी, 1980 तक देश की सेवा की। उन्होंने किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं और किसानों और उनकी समस्याओं पर किताबें लिखीं। देश के किसानों के जीवन में सुधार लाने के लिए सरकार ने 2001 में चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

अब बताएं किसानों के योगदान के बारे में जैसे किसान का काम केवल उनके या उनके परिवार के लिए नहीं होता है, यह देश के लिए होता है। उनकी वजह से न सिर्फ देश के लोगों का पेट भरता है बल्कि यह देश की इकॉनमी में भी मदद करते हैं। देश से कई अनाज का बड़े स्तर पर निर्यात किया जाता है, जिससे देश को मुनाफा होता है, और इन पैसों को देश की व्यवस्था में लगाया जाता है।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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