Cardiac Arrest After 30: कन्नड़ फिल्मों और टीवी की दुनिया के मशहूर अभिनेता और प्रोड्यूसर दिलीप राज का 47 साल की उम्र में हार्ट अटैक से निधन हो गया। इस खबर ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है, क्योंकि अब हार्ट अटैक (Heart Attack) सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। पिछले कुछ सालों में 30 से 45 साल की उम्र के लोगों में अचानक हार्ट अटैक और दिल रुकने के मामले तेजी से बढ़े हैं।
यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन पोद्दार बताते हैं कि आज की खराब दिनचर्या, तनाव, कम नींद, धूम्रपान, मोटापा और बाहर का तला-भुना खाना लोगों के दिल को धीरे-धीरे कमजोर कर रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लोग शरीर के शुरुआती संकेतों को समझ ही नहीं पाते और छोटी परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
30 के बाद क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा
डॉ. पवन पोद्दार के अनुसार, आजकल लोगों की जिंदगी पहले से ज्यादा भागदौड़ वाली हो गई है। सुबह से रात तक काम का दबाव, मोबाइल और लैपटॉप के सामने घंटों बैठे रहना, समय पर खाना न खाना और नींद पूरी न होना दिल पर बुरा असर डालता है।
इसके अलावा जंक फूड, ज्यादा तेल-मसाले वाला खाना और सिगरेट-शराब जैसी आदतें भी दिल की नसों को कमजोर कर देती हैं। कई लोगों को कम उम्र में ही शुगर और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो रही है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाती है।
शरीर पहले से देता है कुछ संकेत
हार्ट अटैक अचानक जरूर आता है, लेकिन शरीर कई बार पहले ही संकेत देने लगता है। जैसे सीने में भारीपन महसूस होना, जल्दी थक जाना, सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना, ज्यादा पसीना आना, बेचैनी या चक्कर आना। लेकिन ज्यादातर लोग इसे गैस, कमजोरी या थकान समझ लेते हैं। यही लापरवाही कई बार जानलेवा साबित हो जाती है। अगर ये दिक्कत बार-बार हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
तनाव और कम नींद भी दिल के दुश्मन
आज हर दूसरा इंसान तनाव में जी रहा है। नौकरी का दबाव, पैसों की चिंता और निजी जिंदगी की परेशानियां दिल पर असर डालती हैं। लगातार तनाव में रहने से शरीर अंदर ही अंदर कमजोर होने लगता है। कम नींद लेने से भी दिल को आराम नहीं मिल पाता। डॉक्टर कहते हैं कि रोज कम से कम 7 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। साथ ही सुबह-शाम थोड़ी देर टहलना और खुद को शांत रखने की कोशिश करना भी जरूरी है।
बचाव करना मुश्किल नहीं है
डॉ. पवन पोद्दार कहते हैं कि थोड़ी सावधानी रखकर दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। रोज थोड़ा चलना-फिरना, घर का सादा खाना खाना, धूम्रपान से दूर रहना और वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।
30 साल की उम्र के बाद साल में एक बार हेल्थ चेकअप भी करवाना चाहिए, खासकर अगर परिवार में पहले किसी को दिल की बीमारी रही हो। शरीर अगर कोई अलग संकेत दे रहा है तो उसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज कई बार जिंदगी बचा सकता है।
अब दिल की सेहत क्यों न हल्के में
दिलीप राज के निधन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि हार्ट अटैक उम्र देखकर नहीं आता। आज जरूरत है कि लोग अपनी सेहत को लेकर जागरूक हों और शरीर की छोटी-छोटी परेशानियों को भी गंभीरता से लें। क्योंकि दिल स्वस्थ रहेगा, तभी जिंदगी भी सुरक्षित रहेगी।
