गुजरात विधानसभा चुनाव (Gujarat Assembly Elections) बीजेपी के लिए हमेशा से ही सम्मान की लड़ाई रही है वही कांग्रेस 27 साल से सत्ता में वापसी की जद्दोजहद करती दिख रही है। लेकिन इस बार गुजरात चुनाव कई मायनों में अलग दिखाई दे रहा है। पिछले करीब तीन दशकों में पहली बार कांग्रेस (Congress) गुजरात में अहमद पटेल (Ahmed Patel) के बिना चुनाव लड़ेगी। पिछले साल अहमद पटेल के कोरोना की वजह से निधन के बाद गुजरात और केंद्रीय स्तर पर एक बड़ा वैक्यूम हो गया। अहमद पटेल न सिर्फ सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और कांग्रेस के कोषाध्यक्ष थे बल्कि वो कांग्रेस के सबसे बड़े ट्रबल शूटर थे। उनके असामयिक निधन से गुजरात चुनाव में कांग्रेस को अपने सबसे बड़े रणनीतिकार की कमी खल रही है।
अहमद पटेल के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को उनकी बेटी मुमताज पटेल (Mumtaz Patel) संभाल रही है। मुमताज फिलहाल खुद तो सक्रिय राजनीति में नहीं उतरी हैं। लेकिन वो परदे के पीछे से गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लोगों को मदद कर रही हैं। उनका भी मानना है की अहमद पटेल की गैरहाजिरी में कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल है। उनका कहना है की इतने सालों में पहली बार ऐसा होगा की अहमद पटेल विधानसभा चुनाव के वक्त नहीं है। आज वो होते तो प्रचार कुछ अलग तरीके से होता लेकिन सब कुछ अलग है।
गुजरात विधानसभा चुनाव में पिछली बार कांग्रेस सत्ता में आते आते रह गई थी। पिछली बार बीजेपी को 99 और कांग्रेस को 77 सीटें मिली थी। लेकिन पांच साल में कांग्रेस 77 से 63 पर पहुंच गई। कांग्रेस के कई विधायक पार्टी छोड़ बीजेपी में चले गए। आज के दिन गुजरात में बीजेपी को सीटों की संख्या 111 पहुंच गई है। मुमताज पटेल का कहना है कि नेताओं के पार्टी छोड़ने की बात सही है और लगता है की अंदर कुछ गलत है, जिस वजह से कई कांग्रेस छोड़ कर जा रहे है। लेकिन इसके पीछे नेताओं का अपना निजी स्वार्थ भी होता है।
पिछले तीन दशक से अहमद पटेल देश भर के कांग्रेसी नेताओं के लिए ग्लू का काम कर रहे थे। मुमताज ने कहा की अहमद भाई पार्टी कार्यकर्ता, नेताओं और कांग्रेस आलाकमान के बीच कड़ी का काम करते थे। जो कड़ी अब टूट चुकी है। कांग्रेसी नेताओं के लिए अहमद पटेल का घर एक तरह से आपसी शिकायत और समाधान का अड्डा था। पिता के नहीं रहने और पार्टी की उपेक्षा की पीड़ा मुमताज पटेल की बातों से साफ झलकता है। उनका कहना है की राहुल गांधी भारत को जोड़ने के लिए यात्रा कर रहे हैं लेकिन मेरे पिता ने ताउम्र कांग्रेस पार्टी को जोड़े रखा।
कांग्रेस भले ही गुजरात में सत्ता से दूर है लेकिन अहमद पटेल वहां के लोगों के घरों में आज भी मौजूद है। मुमताज का कहना है गुजरात में आम आदमी पार्टी का बहुत असर नहीं दिख रहा है।
