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'शहर को बेवजह क्यों बनाया जाए बंधक', जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने उठाया सवाल

Jantar Mantar Protest Site: दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर को लेकर एक बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के बीचों-बीच प्रदर्शनों की वजह से पूरे शहर को बंधक क्यों बनाया जाए।

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दिल्ली स्थित जंतर-मंतर

Photo : iStock

Jantar Mantar Protest Site: दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जंतर-मंतर को विरोध और आंदोलन के लिए तय स्थल बनाए रखने पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी के बीचों-बीच प्रदर्शनों की वजह से पूरे शहर को बंधक क्यों बनाया जाए।

जस्टिस अमित महाजन ने कहा, ''मेरे हिसाब से शहर में इस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह सरकार का फैसला है। शहर को बेवजह बंधक क्यों बनाया जाए?"

हाई कोर्ट ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। संगठन ने दिल्ली पुलिस को 10 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए दिए गए आवेदन पर फैसला करने का निर्देश देने की मांग की।

याचिकाकर्ता की क्या है मांग?

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि संगठन ने 9 जुलाई को प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। इस पर जस्टिस महाजन ने कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मेरी राय है कि शहर के भीतर विरोध प्रदर्शन क्यों होने चाहिए?" हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

जस्टिस महाजन ने दिल्ली पुलिस से शनिवार तक याचिकाकर्ता की मांग पर फैसला करने को कहा। जस्टिस महाजन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस बारे में कोई निर्देश नहीं दे रहे हैं कि अनुमति दी जाए या नहीं, लेकिन याचिकाकर्ता को अधिकारियों के फैसले के बारे में बताया जाना चाहिए।

वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल के मुद्दे पर विचार कर रहे सुप्रीम कोर्ट

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस नजदीक है और संबंधित इलाके में निषेधाज्ञा लागू है। उन्होंने यह भी बताया कि जंतर-मंतर के अलावा किसी अन्य वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहले से ही विचार कर रहा है।

सनद रहे कि 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई थी, जिसमें कहा गया है कि राजधानी के बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर अब प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थान नहीं रह गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यहां होने वाले प्रदर्शनों की वजह से लोगों को परेशानी होती है और जरूरी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।

वकील ने क्या दी दलील?

याचिकाकर्ता के वकील ने हाई कोर्ट को बताया कि 10 अगस्त के प्रस्तावित प्रदर्शन में लगभग 75 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है और दिल्ली पुलिस चाहे तो प्रदर्शनकारियों को किसी वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति दे सकती है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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