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नहीं दिया बकाया वेतन तो गुस्साए एंप्लॉई ने लगा दी मार्केट में आग, 10 हजार के चक्कर में 24 करोड़ से ज्यादा का कर दिया नुकसान, फिर ऐसे हुआ गिरफ्तार

सूरत के सारोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में कर्मचारी द्वारा आग लगाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने बताया कि 10 हजार रुपये के बकाया वेतन को लेकर विवाद के बाद आरोपी ने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी।

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गुस्साए एंप्लॉई ने लगा दी मार्केट में आग।

सूरत के सारोली इलाके में श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की छठी मंजिल पर लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 33 वर्षीय विनोद पंडित सावले के रूप में हुई है, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के धुलिया का रहने वाला है और फिलहाल डिंडोली, सूरत में रहता है।

पुलिस शिकायत और जांच के मुताबिक, आग में चार व्यापारियों के टेक्सटाइल माल और अन्य सामान को प्राथमिक तौर पर करीब ₹24 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसके अलावा मार्केट के बिल्डिंग स्ट्रक्चर, सीलिंग, दीवारों, लिफ्ट, इलेक्ट्रिक वायरिंग और अन्य संपत्ति को हुए नुकसान का अलग से आकलन कराया जाना है।

CCTV से सामने आया आग लगाने का शक

9 सितंबर की रात करीब 12:20 बजे श्याम संगिनी मार्केट की छठी मंजिल पर एक संदिग्ध व्यक्ति CCTV कैमरे में दिखाई दिया। पुलिस शिकायत के अनुसार, व्यक्ति ने कंधे पर लटकी बैग से बोतल जैसी वस्तु निकाली और मार्केट के पैसेज में रखे पार्सलों पर कोई तरल पदार्थ छिड़कता दिखाई दिया। इसके बाद वह आग लगाता और करीब 12:24 बजे वहां से निकलता नजर आया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह आग प्राकृतिक या आकस्मिक घटना के बजाय मानव द्वारा लगाई गई होने की बात सामने आई, जिसके बाद सारोली पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई।

आरोपी का पूर्व कर्मचारी होना जांच में सामने आया

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, विनोद सावले ने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट की छठी मंजिल पर स्थित जगदंबा टेक्सटाइल और जेकॉर्प इंडिया से जुड़े प्रतिष्ठान में अकाउंटेंट के तौर पर नौकरी शुरू की थी। उसे ₹30,000 मासिक वेतन मिलता था। पुलिस के अनुसार, करीब ढाई महीने बाद उसने नौकरी छोड़ दी। जांच में सामने आया कि नौकरी छोड़ने के समय उसके ₹10,000 वेतन बकाया थे। पुलिस का कहना है कि बकाया रकम को लेकर उसका दुकान मालिक और अकाउंटेंट से विवाद चल रहा था।

₹10 हजार को लेकर विवाद, फिर आग लगाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में विनोद ने बताया कि वह बकाया ₹10,000 लेने के लिए दुकान के मालिक हनुमान द्वारकाप्रसाद झवर और अकाउंटेंट सुमितभाई से संपर्क करता रहा, लेकिन रकम नहीं मिली। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के चलते आरोपी ने दुकान मालिक को “सबक सिखाने” के इरादे से मार्केट में आग लगाने की योजना बनाई। जांच में सामने आया है कि उसने देवध गांव के एक पेट्रोल पंप से करीब ₹150 का पेट्रोल खरीदा और उसे प्लास्टिक की बोतल में भरकर अपने बैग में रखा।

देर रात मार्केट में छिपा रहा

पुलिस के मुताबिक, 8 सितंबर की रात करीब 9 बजे आरोपी श्याम संगिनी मार्केट पहुंचा। वह मार्केट की सीढ़ियों के पास बैठकर दुकानों के बंद होने और कर्मचारियों के जाने का इंतजार करता रहा। पुलिस का आरोप है कि देर रात करीब साढ़े 12 बजे मार्केट सुनसान होने के बाद विनोद ने दुकान के बाहर रखे कपड़े के पार्सलों पर पेट्रोल छिड़का और माचिस से आग लगा दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। आग धीरे-धीरे छठी मंजिल के पैसेज से अन्य दुकानों और वहां रखे सामान तक फैल गई।

₹24 करोड़ के माल का प्राथमिक नुकसान

पुलिस शिकायत के अनुसार, आग से चार व्यापारियों के माल को प्राथमिक तौर पर करीब ₹24 करोड़ का नुकसान हुआ है।

  • दुकान नंबर 603, 604, 605 और 614: हनुमानप्रसाद द्वारकाप्रसाद झवर, करीब ₹6 करोड़ का नुकसान
  • दुकान नंबर 616 और 617: अभिषेक ब्रीजमोहन सोनी, करीब ₹2 करोड़ का नुकसान
  • दुकान नंबर 606 से 609 और 610 से 613: अनुराग विजय जलान, करीब ₹12 करोड़ का नुकसान
  • दुकान नंबर 601 और 602: हरिप्रसाद भवरलाल झवर, करीब ₹4 करोड़ का नुकसान
इस तरह इन चार व्यापारियों के टेक्सटाइल माल और अन्य सामान का प्राथमिक अनुमानित नुकसान ₹24 करोड़ बताया गया है। इसके अलावा आग और उसे बुझाने के दौरान इस्तेमाल किए गए पानी से दुकानों, माल और मार्केट की संपत्ति को हुए नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन अभी किया जाना बाकी है।

आग बुझाने में 20-24 घंटे लगे

पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर की रात श्याम संगिनी मार्केट की छठी मंजिल पर आग लगी थी। फायर ब्रिगेड और अन्य संबंधित विभागों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 20 से 24 घंटे की कार्रवाई के बाद आग पर काबू पाया गया। आग के कारण मार्केट का इलेक्ट्रिक वायरिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त हुआ। बिल्डिंग की दीवारों और सीलिंग से प्लास्टर के टुकड़े गिरने लगे। आग बुझाने के दौरान बड़ी मात्रा में पानी इस्तेमाल किए जाने से कई दुकानों में पानी घुस गया, जबकि धुएं और गर्मी के कारण भी कपड़े के माल को नुकसान पहुंचा।

राजस्थान से अयोध्या और फिर महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस की जांच

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, CCTV फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर विनोद सावले की पहचान की गई। पुलिस टीमों ने उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी सूरत से निकलकर राजस्थान गया, वहां खाटूश्याम मंदिर गया और इसके बाद अयोध्या पहुंचा। इसके बाद वह अपने मूल गांव, धुलिया, महाराष्ट्र गया और फिर राजस्थान पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, जांच टीमों को उसके संभावित ठिकानों की जानकारी लगातार मिल रही थी। करीब 10-12 दिन बाद जब आरोपी सूरत वापस आया, तब क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे डिंडोली के फ्लावर गार्डन के पास से गिरफ्तार कर लिया।

क्राइम ब्रांच ने आरोपी को सारोली पुलिस को सौंपा

सूरत क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त IPS करणराज वाघेला के मुताबिक, आग की घटना के बाद पूरे इलाके और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज को बैकट्रैक और फॉरवर्ड ट्रैकिंग के जरिए खंगाला गया। इसी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सारोली पुलिस स्टेशन को सौंपा गया है। मामले में आगजनी के तरीके, नुकसान और अन्य संभावित पहलुओं को लेकर आगे की जांच जारी है।
Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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