Jharkhand Students Protest: झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारी बारिश के बीच छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को छात्रों के समर्थन में बड़ा ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर संसद सत्र चलने तक फैसला नहीं हुआ तो वह छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर अनशन करेंगे।
निशिकांत दुबे का बड़ा ऐलान
निशिकांत दुबे ने 'एक्स' पर झारखंड भाजपा के एक वीडियो को रिपोस्ट करते हुए कहा, ''13 अगस्त तक यानि संसद चलने तक, यदि फ़ैसला नहीं हुआ तो मैं अपने पार्टी से परमिशन लेकर छात्रों के आंदोलन में शामिल होकर अनशन करूंगा।''
झारखंड बीजेपी ने अपने पोस्ट में आंदोलन कर रहे छात्रों का वीडियो साझा करते हुए पूछा, ''झारखंड में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ आखिर कब तक बंद होगा? JPSC-JSSC में पेपर लीक और भर्ती गड़बड़ियों से छात्रों को आखिर कब मिलेगा निजात? छात्रों की आवाज कब सुनेगी कांग्रेस समर्थित हेमंत सरकार? कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों जवाब दो- आखिर छात्रों के भविष्य पर यह चुप्पी क्यों?''
क्या है छात्रों की मांग?
सनद रहे कि आंदोलनकारी 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने, आयोग तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग में सुधार लागू करने की 25 जुलाई से मांग कर रहे हैं। वे परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की भी मांग कर रहे हैं।
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यह प्रदर्शन 25 जुलाई को यहां जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच' के बैनर तले शुरू हुआ था और हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है।
सरकार से वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित
आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के साथ बातचीत करके गतिरोध दूर करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रदर्शन की गूंज गुरुवार को राज्य विधानसभा तक पहुंची, जहां मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने परिसर में नारेबाजी करके छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
