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Mamata Banerjee Marriage: आखिर ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी? वजह है बहुत बड़ी, कभी दूध डिपो में भी करना पड़ा था काम

Mamata Banerjee Marriage: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शादी क्यों नहीं की है। ममता बनर्जी का जीवन हमेशा सादा रहा है और उन्होंने आजतक शादी नहीं की है।

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ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी

Mamata Banerjee Marriage: बंगाल की राजनीति में दीदी के नाम से मशहूर ममता बनर्जी ने आजतक शादी नहीं की। ममता बनर्जी बंगाल जैसे बड़े राज्य की तीन बार सीएम रहीं हैं, टीएमसी जैसी बड़ी पार्टी की मुखिया हैं, सांसद, विधायक, रेलमंत्री रह चुकी हैं, लेकिन उन्होंने शादी नहीं की। ममता बनर्जी का शादी को लेकर साफ मत रहा है कि उनके पास शादी करने और परिवार को वक्त देने के लिए समय नहीं है। हालांकि उत्तराधिकारी उन्होंने अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को ही चुना है।

ममता बनर्जी ने क्यों नहीं की शादी?

ममता बनर्जी का जीवन काफी सादगी भरा रहा है। उन्होंने अपना जीवन शुरू से ही दूसरों के लिए समर्पित रखा है। कहा जाता है कि ममता बनर्जी ने जनसेवा और राजनीति को अपनी जिंदगी का केंद्र बनाते हुए विवाह न करने का फैसला लिया। उनका कहना रहा है कि निजी जीवन के लिए समय निकालने से ज्यादा जरूरी उनके लिए राज्य की जनता की सेवा है, जिन्हें वे अपने परिवार की तरह मानती हैं। वे हमेशा अपने राजनीतिक दायित्वों को प्राथमिकता देती हैं और बेहद सरल व सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं।

ममता बनर्जी का कहां हुआ था जन्म?

ममता बनर्जी का जन्म 5 जनवरी 1955 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता में ही पूरी की और बाद में कलकत्ता यूनिवर्सिटी से इतिहास में स्नातक किया। इसके अलावा उन्होंने इस्लामिक इतिहास में मास्टर डिग्री, शिक्षा में डिग्री और कानून की पढ़ाई भी की। छात्र जीवन से ही उनका रुझान राजनीति की ओर रहा और वे सक्रिय रूप से छात्र आंदोलनों में शामिल रहीं।

नई दिल्ली में कोयला और खान मंत्री का पदभार ग्रहण करते हुए ममता बनर्जी (फोटो- Indian Govt)

नई दिल्ली में कोयला और खान मंत्री का पदभार ग्रहण करते हुए ममता बनर्जी (फोटो- Indian Govt)

कभी दूध के डिपो पर भी करना पड़ा था काम

ममता बनर्जी के पिता के निधन के बाद उन्हें परिवार चलाने के लिए काफी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा था। ममता बनर्जी ने तब विकट परिस्थिति में परिवार का पेट पालने और भाइयों की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने एक दूध डिपो पर काम किया।

कभी कांग्रेस से की राजनीति की शुरुआत और फिर बना डाली TMC

ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की। 1984 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और देश की सबसे युवा सांसदों में शामिल हुईं। इसके बाद वे लगातार राजनीति में सक्रिय रहीं और कई बार संसद के लिए चुनी गईं। बाद में कांग्रेस से मतभेद हुआ और अपनी अलग पार्टी TMC बना डाली। साल 2011 में उन्होंने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए पश्चिम बंगाल में 34 साल से सत्ता में रही वाम मोर्चा सरकार को हटा दिया और पहली बार मुख्यमंत्री बनीं। इसके बाद 2016 और 2021 में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज कर सत्ता बरकरार रखी। हालांकि 2026 में उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है।

ममता की पहचान सादगी

ममता बनर्जी की छवि एक जुझारू और जमीनी नेता की रही है। वे सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं और अक्सर सफेद सूती साड़ी व चप्पल में नजर आती हैं। मुख्यमंत्री पद पर रहने के बावजूद ममता बनर्जी ने कभी आलीशान जीवन नहीं अपनाया। वे आज भी कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने साधारण पैतृक घर में ही रहती हैं। 2026 के चुनावी हलफनामे में भी उनके नाम पर न तो कोई निजी मकान दर्ज है और न ही कोई वाहन। खास बात यह है कि वह मुख्यमंत्री और विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन भी स्वीकार नहीं करतीं। उनकी आय का प्रमुख स्रोत उनकी लिखी किताबों की रॉयल्टी और बनाई गई पेंटिंग्स मानी जाती है, जिसकी बड़ी हिस्सेदारी वह सामाजिक और जनहित कार्यों में दान कर देती हैं।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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