Char Dham Yatra Suspended: उत्तराखंड में एक बार फिर कुदरत का कड़ा इम्तिहान शुरू हो गया है। राज्यभर में शनिवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते हालात चिंताजनक बने हुए हैं। मैदानी इलाकों में जहां लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं, वहीं उच्च हिमाली क्षेत्रों में रुक-रुक कर बर्फबारी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किए जाने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
पीटीआई के मुताबिक तीर्थयात्रियों और आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप ने बड़ा फैसला लिया है। उनके आदेश के अनुसार, 26 सितंबर की दोपहर से लेकर 27 सितंबर तक के लिए चारधाम यात्रा को पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल सुरक्षित स्थानों पर ही रहें और मौसम सामान्य (Uttarakhand Heavy Rain) होने का इंतजार करें।
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इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी
इसके अलावा, एहतियात के तौर पर बागेश्वर, पिथोरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शनिवार को मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथोरागढ़, चंपावत, नैनीताल और उधम सिंह नगर के लिए भारी से अति भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' जारी किया था। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
मैदानी इलाकों में बढ़ा जलभराव का खतरा
रविवार के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' रहेगा। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ों में भूस्खलन, रास्ते बंद होने और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा काफी बढ़ गया है। राहत की बात यह है कि अभी तक राज्य में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
