वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे को मंगलवार को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की पहली महिला आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने भूषण गगरानी से पदभार ग्रहण किया, उनके सेवानिवृत्त होने के कारण ही यह पद रिक्त हो रहा था। जिसके बाद 150 साल पुराने और देश के सबसे धनी तथा प्रभावशाली नगर निकायों में से एक का नेतृत्व करने वाली वह पहली महिला बन गई हैं।
अश्विनी भिडे ने पद ग्रहण करने के दौरान अपनी प्राथमिकताएं भी बताईं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना, विशेष रूप से महिलाओं के लिए सुरक्षा और पहुंच बढ़ाना होगी। उन्होंने कहा कि मुंबई में महिलाओं के लिए परिवहन व्यवस्था को और प्रभावी व सुरक्षित बनाने की दिशा में अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि BMC की सभी सेवाएँ नागरिकों को ध्यान में रखकर संचालित होंगी।
1995 बैच की आईएएस अधिकारी भिडे को मुंबई की मेट्रो परियोजनाओं में उनके योगदान के कारण “मेट्रो वुमन” कहा जाता है। उन्होंने मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो लाइन को सफलतापूर्वक लागू किया था। BMC में वह पहले भी सहायक आयुक्त के रूप में 2020 से 2024 तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाल चुकी हैं। उनके पास प्रशासनिक सेवाओं का 31 वर्षों का अनुभव है और वे राज्य सरकार में CEO, जॉइंट सेक्रेटरी, एडिशनल मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर, स्कूल एजुकेशन और स्पोर्ट्स विभाग की सचिव सहित कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
नई जिम्मेदारियों के तहत उन्हें मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर, बाढ़ नियंत्रक कार्यों, और प्री-मानसून तैयारी जैसे बड़े मुद्दों पर निर्णय लेने होंगे। 80,000 करोड़ रुपए से अधिक के वार्षिक बजट वाली इस संस्था का संचालन अब उनके हाथों में होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि BMC शहर की बाढ़ प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए जारी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाती रहेगी।
अपने नए पद के साथ ही वह मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगी। कार्यभार संभालने के दौरान BMC के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
