Onion Prices : दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू कर दी है। दिल्ली में सरकारी एजेंसियां 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही हैं। इसके साथ ही महाराष्ट्र के नासिक जिले के लासलगांव से करीब 450 टन प्याज लेकर ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली के लिए रवाना हो गई है। सरकार का कहना है कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के बावजूद देश में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है।
लासलगांव से दिल्ली आ रही ‘कांदा एक्सप्रेस’
महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित लासलगांव एशिया की सबसे बड़ी प्याज थोक मंडियों में शामिल है। यहीं से करीब 450 टन प्याज लेकर 21 डिब्बों वाली विशेष मालगाड़ी बुधवार दोपहर दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन करीब 3.10 बजे रवाना हुई और इसके गुरुवार देर रात तक दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। यह ट्रेन दिल्ली के पास आदर्शनगर स्टेशन पहुंचेगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक लासलगांव के स्टेशन प्रबंधक प्रितेश दुबे ने बताया कि करीब 450 टन प्याज ट्रेन के जरिए दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोशिश है कि प्याज जल्द से जल्द दिल्ली पहुंचाया जाए, ताकि बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़े और लोगों को कीमतों में राहत मिल सके।
बफर स्टॉक से 840 टन प्याज दिल्ली भेजेगा केंद्र
दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से 840 टन प्याज दिल्ली भेजने का फैसला किया है। यह प्याज मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत खरीदे गए स्टॉक का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़ाकर खुदरा कीमतों को नियंत्रित करना है। सरकार के अनुसार, बफर स्टॉक में रखे प्याज को उत्पादन वाले क्षेत्रों से देश के बड़े खपत केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी कड़ी में ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए नासिक से दिल्ली प्याज भेजा जा रहा है।
दिल्ली में 35 रुपये किलो प्याज की बिक्री
सरकार ने दिल्ली में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है। यह बिक्री राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF), नेफेड (NAFED), सफल और केंद्रीय भंडार के बिक्री केंद्रों के माध्यम से की जा रही है। दिल्ली में NCCF के 90 बिक्री केंद्र और 40 मोबाइल वैन के जरिए प्याज बेचा जा रहा है। वहीं, NAFED के 13 बिक्री केंद्र और 50 मोबाइल वैन भी बिक्री में शामिल हैं। इसके अलावा करीब 100 केंद्रीय भंडार बिक्री केंद्रों से भी उपभोक्ता 35 रुपये किलो की दर से प्याज खरीद सकते हैं।
एक महीने में 35 फीसदी बढ़ी प्याज की कीमत
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बुधवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 46.74 रुपये प्रति किलो रही। यह कीमत एक महीने पहले की तुलना में करीब 35 फीसदी अधिक है। वहीं, पिछले साल की तुलना में प्याज की औसत खुदरा कीमत में करीब 63 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। कीमतों में तेजी के बीच सरकार ने कहा है कि वह प्याज की उपलब्धता और बाजार भाव पर लगातार नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
सरकार के पास करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक
केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज खरीदा है। वर्ष 2026-27 में प्याज के बफर स्टॉक के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को पहली बार भंडारण एजेंसी के तौर पर शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि इस साल प्याज का उत्पादन भी पर्याप्त रहने का अनुमान है। वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 307.67 लाख टन था। अच्छे उत्पादन और बफर स्टॉक की उपलब्धता से आने वाले महीनों में प्याज की सप्लाई सामान्य रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरे शहरों में भी भेजा जा रहा प्याज
सरकार केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे बड़े शहरों में भी बफर स्टॉक से प्याज की सप्लाई कर रही है। प्याज की खेप चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे प्रमुख खपत केंद्रों तक भेजी जा रही है। सरकार का कहना है कि उत्पादन वाले राज्यों से प्याज को सीधे बड़े बाजारों तक पहुंचाने से सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। ‘कांदा एक्सप्रेस’ इसी व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके जरिए कम समय में बड़ी मात्रा में प्याज को उत्पादन क्षेत्र से खपत वाले शहरों तक पहुंचाया जा रहा है।
