दुनिया

Nepal Flash Flood: नेपाल में क्यों आई तबाही? अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने किया साफ; भूकंप नहीं, कुछ और है वजह

Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड को लेकर अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अहम जानकारी दी है। शुरुआती तौर पर नेपाल-चीन सीमा के पास दर्ज भूकंपीय गतिविधि को 4.4 तीव्रता का भूकंप माना गया था, लेकिन बाद में USGS ने स्पष्ट किया कि यह भूकंप नहीं था। वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक, ग्लेशियर के टूटने से बर्फ और चट्टानों का विशाल मलबा नदी में गिरा, जिससे अचानक पानी और मलबे का तेज सैलाब आया और बड़े पैमाने पर तबाही मची।

Image

नेपाल में आई बाढ़ को लेकर अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अहम जानकारी दी। AP

Photo : AP

Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी है। इस त्रासदी में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं, हजारों लोग लापता हैं। इस फ्लैश फ्लड को लेकर अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने अहम जानकारी दी है। क्षण (USGS) ने स्पष्ट किया है कि नेपाल-चीन सीमा के पास दर्ज हुई यह घटना वास्तव में भूकंप नहीं थी। इसके पीछे ग्लेशियर का टूटना और उसके बाद आया मलबे का सैलाब था।

शुरुआत में यूएसजीएस ने इस घटना को 4.4 तीव्रता के भूकंप के तौर पर दर्ज किया था। बाद में एजेंसी ने अपने आकलन को अपडेट करते हुए कहा कि वहां कोई भूकंप आया ही नहीं था। बल्कि एक बेहद शक्तिशाली ग्लेशियल कोलैप्स और डेब्रिस फ्लो ने ऐसी भूकंपीय तरंगें पैदा कीं, जिसे शुरुआती तौर पर भूकंप समझ लिया गया।

भूकंप के साथ आया फ्लैश फ्लड

नेपाल में बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे स्थानीय समय पर भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई थी। शुरुआती रिपोर्ट में इसे नेपाल-चीन सीमा के पास आया 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया गया। इसी दौरान इलाके में विनाशकारी फ्लैश फ्लड भी आई थी। इससे यह आशंका जताई गई कि संभवत: भूकंप के कारण ग्लेशियर या पहाड़ का हिस्सा टूटा और उसके बाद नदी में अचानक पानी और मलबे का सैलाब आ गया।

लेकिन बाद में सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य विश्लेषणों के आधार पर USGS ने इस थ्योरी को बदल दिया। एजेंसी के मुताबिक, वहां कोई भूकंप नहीं आया था।

ग्लेशियर टूटने से कैसे आ गई इतनी बड़ी बाढ़?

शुरुआती सैटेलाइट विश्लेषण के मुताबिक, नेपाल-चीन सीमा पर रासुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में एक बड़े आइस-रॉक लैंडस्लाइड के संकेत मिले। बर्फ और चट्टानों का यह विशाल मलबा ल्हेंदे नदी में जा गिरा। ल्हेंदे नदी आगे चलकर भोटेकोशी नदी की सहायक नदी बनती है। इसके बाद नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टान और मलबा पहुंचा और देखते ही देखते विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने नेपाल के रासुवा जिले और तिब्बत के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article