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Onion Price News: सरकार आज से दिल्ली में 40 जगहों पर 35 रुपये किलो बेच रही है प्याज, जानिए कहां-कहां से खरीदें

Delhi Onion Price News: सरकार प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली-NCR में बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेच रही है। यह बिक्री एनसीसीएफ, नाफेड और केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स व मोबाइल वैन से होगी।

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दिल्ली-NCR में प्याज की महंगाई पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'

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Delhi Onion Price News : देशभर में प्याज की आसमान छूती कीमतों ने आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कई शहरों में प्याज के खुदरा दाम 55 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुके हैं, जबकि देश में इसकी औसत खुदरा कीमत 46.74 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई है। इस महंगाई से राहत दिलाने और त्योहारी मौसम में प्याज के दामों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में अपने बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज बेचने का फैसला किया है। केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने दिल्ली में इस रियायती बिक्री की शुरुआत की है, जिसके बाद लोगों को महंगे प्याज से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद है।

कहां और कैसे मिलेगा 35 रुपये वाला प्याज?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में आम नागरिकों तक रियायती प्याज पहुंचाने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। इस बिक्री का संचालन मुख्य रूप से तीन प्रमुख एजेंसियों भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) और केंद्रीय भंडार द्वारा किया जा रहा है। NCCF के बिक्री केंद्र और वैन: एनसीसीएफ दिल्ली में केंद्रीय भंडार के 100 स्टोर के माध्यम से सस्ते प्याज की बिक्री कर रहा है। इसके साथ ही एनसीसीएफ ने 15 मोबाइल वैन के जरिए भी बिक्री शुरू कर दी है, जिनकी संख्या बढ़ाकर 40 की जाएगी। मदर डेयरी के करीब 300 बिक्री केंद्रों (सफल आउटलेट्स) के जरिए भी प्याज उपलब्ध कराने के लिए बातचीत जारी है। नाफेड 13 बिक्री केंद्रों और 50 मोबाइल वैन की मदद से दिल्ली की जनता तक रियायती प्याज पहुंचा रहा है। सप्ताहांत तक इस योजना का विस्तार पूरे एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुड़गांव, फरीदाबाद) में कर दिया जाएगा।

'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए नासिक से आ रही सप्लाई

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने प्याज की तेजी से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' नाम की एक विशेष मालगाड़ी चलाई है। महाराष्ट्र के नासिक से यह ट्रेन प्याज की विशाल खेप लेकर दिल्ली पहुंच रही है। एनसीसीएफ के पास लगभग 62,000 टन प्याज का बफर स्टॉक है, जिसमें से 400 टन प्याज 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए भेजा गया है। वहीं नाफेड के पास करीब 55,000 टन का बफर स्टॉक उपलब्ध है। पहली विशेष रेलगाड़ी 800 टन प्याज लेकर दिल्ली के लिए रवाना हो चुकी है। यह लॉजिस्टिक उपाय प्याज को प्रमुख उत्पादन केंद्रों से भारी मांग वाले क्षेत्रों तक जल्दी और कुशलता से पहुंचाने में बेहद कारगर साबित हो रहा है।

देश के अन्य हिस्सों में भी होगी सस्ते प्याज की आपूर्ति

प्याज की यह रियायती बिक्री केवल दिल्ली-एनसीआर तक ही सीमित नहीं रहेगी। 'कांदा एक्सप्रेस' और सड़क परिवहन के माध्यम से प्याज की इस सप्लाई का लाभ देश के अन्य प्रमुख शहरों को भी दिया जाएगा। चंडीगढ़, लुधियाना, वाराणसी, लखनऊ, पटना, गुवाहाटी, कोच्चि, चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, जम्मू और अमृतसर जैसे बड़े खपत केंद्रों में भी प्याज को रियायती दरों पर बाजार में उतारा जा रहा है ताकि पूरे देश में इसकी कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके।

अफवाहों पर ध्यान न दें, प्याज की कोई कमी नहीं: सरकार

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि देश में आने वाले त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए प्याज की पर्याप्त उपलब्धता है। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाने-पीने की चीजों की कीमतों को लेकर भ्रामक दावे और अफवाहें फैलाई जा रही हैं ताकि आम जनता में घबराहट और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो सके। सरकार के अनुसार, 2025-26 के लिए देश में प्याज का कुल उत्पादन लगभग 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 307.67 लाख टन उत्पादन के लगभग बराबर ही है। सरकार ने चालू वर्ष में बफर स्टॉक के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज खरीदा है। साथ ही पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को प्याज बफर स्टॉक के भंडारण की जिम्मेदारी दी गई है।

कीमतों और आवक पर सरकार की पैनी नजर

उपभोक्ता मामलों का विभाग राज्यों में प्याज की दैनिक आवक, उपलब्धता और खुदरा कीमतों पर लगातार निगरानी रख रहा है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि अच्छे उत्पादन, बफर स्टॉक की समय पर उपलब्धता और बाजार में सीधे हस्तक्षेप से आने वाले महीनों में आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी और मौसमी कीमतों का दबाव पूरी तरह नियंत्रित रहेगा। ग्राहकों और किसानों दोनों के हितों की रक्षा के लिए अगर जरूरत पड़ी तो सरकार आगे भी और कड़े कदम उठाने के लिए तैयार है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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