UP Politics: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजनीति में क्या चाचा शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) और भतीजे अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के बीच नजदीकियां बढ़ गई हैं और क्या वे फिर साथ आएंगे? यूपी के पूर्व सीएम और नेता जी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के निधन के बाद यह सवाल बार-बार उठा है। इस बीच, मंगलवार (एक नवंबर, 2022) को खुद शिवपाल ने कहा कि उन्हें सपा (Samajwadi Party: SP) में खुद को कोई जिम्मेदारी दिए जाने का इंतजार है।
यह बात उन्होंने यूपी के संभल में एचोंडा कमबोह में हुए कल्कि महोत्सव से इतर रात को पत्रकारों से कही। दरअसल, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी-लोहिया (प्रसपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की जसवंतनगर सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक शिवपाल से संवाददाताओं ने सवाल पूछा था कि उन्हें क्या बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी? इस पर जवाब आया था, “हमें जिम्मेदारी मिलने का इंतजार है। इंतजार है, देखिए।”
उन्होंने आगे बताया, “अभी नेता जी (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) के जाने के बाद हम लोग शोक में हैं। इस महीने नेता जी का जन्मदिन (22 नवंबर) भी आने वाला है, जो हम हर साल मनाते थे।” शिवपाल ने उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के समाजवादी पार्टी को ‘समाप्त पार्टी’ करार देने से जुड़े सवाल पर कहा, “हमारी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी है। हम समाजवादी पार्टी से अभी तक अलग ही हैं। हम अपनी पार्टी को मजबूत करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। हम नेता जी के आदर्शों पर चलकर अपनी पार्टी को मजबूत करेंगे।”
शिवपाल ने गुजरात के मोरबी में एक पुल गिरने की घटना पर कहा कि सरकार को इस मामले में बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और संबंधित विभाग के मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए। नफरत भरे बयान देने के मामले में हाल ही में तीन साल कैद की सजा पाने वाले वरिष्ठ सपा नेता आजम खां से जुड़े एक सवाल पर शिवपाल ने कहा, “आजम खां बड़े नेता हैं। किसी भी दल के वक्ता को सब लोग सदन में देखना चाहते हैं। चाहे वह लोकसभा हो या विधानसभा।” वैसे, ध्यान देने वाली बात है कि मुलायम के निधन के बाद शिवपाल अपने भतीजे अखिलेश यादव के काफी करीब नजर आए थे। हालांकि, गोला गोकर्णनाथ विधानसभा उपचुनाव के स्टार प्रचारकों में उन्हें शामिल नहीं किया गया था।
