Bengal SIR: तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वह पश्चिम बंगाल में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के कारण "परेशानी" झेल एक करोड़ से अधिक लोगों को "घुसपैठिया" कह रहे हैं।
PM मोदी ने TMC पर साधा निशाना
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने टीएमसी की तीखी आलोचना की और उस पर "घुसपैठियों की सुरक्षा" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि "घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है।"
पीएम मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने चर्चा के दौरान केंद्र सरकार के विरोध में काफी कुछ कहा, 'किंतु वे अपने गिरेबान में भी देखें।पतन के जितने भी मानक हैं, सब मानकों में नये-नये रिकार्ड बनाते जा रहे हैं और यहां उपदेश दे रहे हैं। (पश्चिम बंगाल की तृणमूल की) ऐसी सरकार से वहां के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है। लेकिन उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है। सत्ता सुख के अलावा कोई आकांक्षा नहीं है।'
उन्होंने कहा कि दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश अपने यहां से गैर कानूनी नागरिकों को निकाल रहा है। उन्होंने कहा, ''हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों तक पर दबाव उत्पन्न किया गया। देश का नौजवान ऐसे लोगों को कैसे माफ करेगा।''
'PM ने संसद को किया गुमराह'
इस पर पलटवार करते हुए टीएमसी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों को आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान करते समय प्रधानमंत्री के इन बयानों को याद रखना चाहिए। टीएमसी ने कहा, "ममता बनर्जी की उच्चतम न्यायालय में उपस्थिति की ओर इशारा करते हुए आज नरेंद्र मोदी ने संसद को गुमराह किया और कहा कि न्यायपालिका पर ’घुसपैठियों’ की सुरक्षा के लिए दबाव डाला जा रहा है।"
पार्टी ने कहा, "दीदी आखिर सड़कों और अदालतों में किसके लिए लड़ रही हैं? उन 150 परिवारों के लिए जिन्होंने इस निर्दयी प्रक्रिया के कारण अपने प्रियजन खो दिए… 1.4 करोड़ लोग, बुजुर्ग नागरिक, महिलाएं, प्रवासी मजदूर, दैनिक वेतनभोगी और मरीज जिन्हें 'तार्किक विसंगति' का हवाला देकर सुनवाई के लिए बुलाया गया...… जिन मतदाताओं को जीवित होते हुए मृत बताया गया और हटा दिया गया।" टीएमसी ने कहा, "यही लोग हैं जिन्हें प्रधानमंत्री हिमाकत करके 'घुसपैठिया' कह रहे हैं। अपने कीमती वोट देने से पहले इसे याद रखें।"
