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दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिर इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारी, इस बार थी ये मांग, 20 से ज्यादा हिरासत में; पुलिस बोली- नहीं थी अनुमति

यह प्रदर्शन सोशल मीडिया के जरिए चलाए जा रहे 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान से जुड़े इंस्टाग्राम पेज के करीब 56 लाख फॉलोअर्स हैं।

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कनॉट प्लेस में फिर इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारी

दिल्ली के कनॉट प्लेस में रविवार को जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ करीब 300 लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए आर्थिक आधार को अधिक महत्व देने की बात कही। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया।

वहीं, इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे आरक्षण के पूरी तरह खिलाफ नहीं हैं, बल्कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद जाति से इतर की जानी चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने कहा, हम आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं। हम आरक्षण में सुधार चाहते हैं। सरकार को समझना चाहिए कि सभी समुदायों के गरीब लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और उनकी चिंताओं को सुना जाना चाहिए।

क्रीमी लेयर और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने क्रीमी लेयर का प्रावधान लागू करने और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठाई। उन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़ी नीतियों में बदलाव की भी मांग की। साथ ही प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की भी व्यापक समीक्षा की मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जुड़ी नीतियों पर नए सिरे से विचार किया जाना चाहिए।

पुलिस ने कहा- प्रदर्शन की नहीं थी अनुमति

वहीं, दिल्ली पुलिस ने रविवार को स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार के मुद्दे को लेकर किसी व्यक्ति या संगठन को प्रदर्शन या सभा की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन पोस्ट और वीडियो से लोगों को सावधान किया, जिनमें जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की जा रही थी।

सोशल मीडिया से शुरू हुआ 'आरक्षण हटाओ आंदोलन'

यह प्रदर्शन सोशल मीडिया के जरिए चलाए जा रहे 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। इस अभियान से जुड़े इंस्टाग्राम पेज के करीब 56 लाख फॉलोअर्स हैं। सोशल मीडिया पर लंबे समय से आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। दो दिन पहले भी अभियान के आह्वान पर सैकड़ों लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे। वहां पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। हालांकि, इसी बैनर के तहत एक अलग प्रदर्शन को पुलिस की अनुमति मिली थी, जिसे रामलीला मैदान में 500 लोगों तक की संख्या के साथ शाम 4 बजे तक आयोजित करने की इजाजत दी गई थी।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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