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श्रद्धा की लाश संग रहा आफताब, सड़े न इसलिए किया था यह इंतजाम; DCW चीफ ने पूछा- 6 महीने तक पता ही न चला?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 14, 2022, 06:31 PM IST

दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने आरोपी के लिए कठोरतम सजा की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ रूह कँपाने वाले एक मामले में दिल्ली में एक लड़की को उसके पुरुष मित्र ने जान से मार दिया और उसके शव के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रखे। उसके शव के टुकड़ों को उसने शहर के अलग अलग इलाक़ों में फेंका। समाज में कैसे कैसे दरिंदे पल रहे हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ़्तार किया है। दरिंदे को कड़ी सजा होनी चाहिए।’’

दिल्ली में श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब लाश के साथ कई दिन तक रहा था। वह हर रोज लाश के टुकड़े करता और रात को उन्हें ठिकाने लगाने निकलता। शव सड़े और बदबू न मारे इसलिए वह फ्रिज भी खरीद कर लाया था। इस बीच, दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाति मालीवाल ने पुलिस को नोटिस भेजा है। साथ ही सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी घटना हो जाती है और छह महीने तक इसका पता ही नहीं चलता है...कहीं कोई गैंग तो नहीं था?

मालीवाल के मुताबिक, "यह चौंकाने और दिल दहलाने वाला मामला है। दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज़ कर ली है। आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है। मैंने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है कि 6 महीने पहले इतनी बड़ी घटना को कोई अंजाम देता है और उसका पता भी नहीं चलता।"

बकौल डीसीडब्ल्यू चीफ, "मैं चाहती हूं कि दिल्ली पुलिस बताए कि क्या ये आदमी अकेले ऑपरेट कर रहा था, क्या इसके साथ कोई गैंग भी थी? मामले में सख्त कार्रवाई हो और आरोपी को कड़ी सज़ा दी जाए।"

दरअसल, इस दिल्ली की इस वीभत्स घटना में युवक ने लिव-इन पार्टनर की झगड़े के बाद गला घोंटकर कथित रूप से हत्या कर दी थी। फिर उसके शव के करीब 35 टुकड़े कर उन्हें लगभग 20 दिनों तक फ्रिज में रखा और एक के बाद एक कर उन्हें राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में फेंक दिया।

पुलिस अफसरों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को इस बारे में बताया कि मामले में मुंबई के 28 वर्षीय आफताब पूनावाला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मृतका श्रद्धा वालकर (29) नामक महिला के शरीर के कुछ टुकड़े बरामद किए गए हैं। अपराध में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी बरामद नहीं हुआ है।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-प्रथम (दक्षिण जिला) अंकित चौहान ने बताया, ‘‘ मुंबई में काम करने के दौरान दोनों को एक दूसरे से प्यार हुआ और अपने परिवार वालों के विरोध के चलते वे अप्रैल आखिर या मई के पहले हफ्ते में दिल्ली आ गये। जब वे राष्ट्रीय राजधानी में रह रहे थे तब मध्य मई में शादी को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई जो तेज हो गयी तथा अफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया। ’’

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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